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टी बैग को प्रयोग के बाद फेंके नहीं क्योंकि इसके फायदे जान हैरान हो जायेगे आप

दिन की शुरुआत करने और शरीर की थकान को दूर करने के लिए स्‍वाभाविक है कि आप चाय का उपयोग करते होगें। लेकिन उपयोग किये जाने के बाद आप उन टी बैग का क्‍या करते हैं क्‍या आप उन्‍हें फेंक देते हैं। यदि ऐसा है तो टी बैग के उपयोग और फायदे जानने के बाद आप ऐसा नहीं करेगें। टी बैग के फायदे स्‍वास्थ्‍य के साथ ही सौंदर्य लाभ प्राप्‍त करने के लिए जानें जाते है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि आपके द्वारा उपयोग किये जाने के बाद भी टी बैग के फायदे होते हैं। टी बैग के लाभों में घाव का उपचार, फोड़ों का इलाज, खुजली से राहत, त्‍वचा स्‍वास्‍थ्‍य आदि शामिल हैं।

आज के समय में शायद ही कोई हो जिसे चाय पीना पसंद ना करते हो। कोई इसे पीकर अपने दिन की शुरुआत करता है, तो किसी को इसे पीने की जैसे आदत होती है। कोई इसे पीकर राहत महसूस करता है तो कोई इसे पीकर अपनी थकान उतारता है। भारत देश एक ऐसा देश है जहां आपको चाय के शौकीन सबसे ज्यादा मिलेंगे। क्या आप जानते है ग्रीन टी के पत्ते को यदी चाय पी जाए तो वो सेहत के लिए कितनी फायदेमंद होती है!

आइए टी बैग के इन लाभों को विस्‍तार से जाने –

सनर्बन से बचाए

सूरज की यूवी किरणें (UV Rays) आपकी तवचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिसके कारण सूरज की तेज धूप के संपर्क में आने से त्‍वचा में लाल चक्कते, जलन और सनर्बन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। यदि आप भी ऐसी समस्‍या से परेशान हैं तो टी बैग का उपयोग कर सकते हैं। आप सनर्बन प्रभावित क्षेत्र में टी बैग को लगाएं, ऐसा करने से आपको तत्‍काल राहत मिलेगी। अध्‍ययनों से पता चलता है कि ग्रीन टी बैग में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (ईजीसीजी) (epigallocatechin-3-gallate) (EGCG) नामक यौगिक होता है।

जो सनस्‍क्रीन के रूप में काम करता है। इसके अलावा यह यूवी विकिरण के कारण होने वाली डीएनए की क्षति को भी रोकने में सहायक होता है। आप भी गर्मीयों के दौरान सनर्बन का उपचार करने के लिए ग्रीन टी बैग का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

करे मुंहासों का इलाज

आप अपने चेहरे में मौजूद मुंहासों का इलाज करने के लिए टी बैग का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। मवाद से भरे फुंसी या मुंहासे न केवल आपकी सुंदरता को कम करते हैं बल्कि ये बहुत ही कष्‍टदायक भी होते हैं। लेकिन आपको चिंता करने की आवश्‍यकता नहीं है क्‍योंकि मुंहासों का इलाज करने के लिए टी बैग प्रभावी होते हैं।

ऐसा इसलिए है क्‍योंकि टी बैग में एंटीऑक्‍सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। इन गुणों के कारण टी बैग का उपयोग करने से त्‍वचा और मुंहासों में मौजूद बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने में मदद मिलती है।

एक अध्‍ययन के मुताबिक हल्‍के मुंहासे वाले लोगों को 6 सप्‍ताह तक इसका उपयोग लोशन के रूप में कराया गया। परिणाम स्‍वरूप उनके चेहरे में मौजूद पिम्‍पल्‍स की संख्‍या में लगभग 58 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। इसलिए यदि आप भी मुंहासों से छुटकारा चाहते हैं तो ग्रीन टी बैग का उपयोग कर सकते हैं।

फायदे कीट के काटने में

टी बैग में एंटीऑक्‍सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण होने के साथ ही सूजन को कम करने वाले गुण भी होते हैं। जिसके कारण टी बैग के फायदे कीट काटने के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। टी बैग में कसैले गुण होते हैं जो त्‍वचा में कीट काटने से होने वाले दर्द या सूजन को कम कर सकते हैं।

इसके लिए आप टी बैग को गीला करें और प्रभावित क्षेत्र में रखें जहां आपको किसी कीट ने काटा है। कुछ देर तक टी बैग को दर्द वाले क्षेत्र में दबाकर रखने से सूजन और दर्द दोनों से राहत मिलती है।

मुंह के भीतरी दर्द को भी गायब करे

अधिकतर आपने महसूस किया होगा कि मुंह के अंदर आपके दातों के आसपास चोट लग जाती है। इस दर्द को भी यह काफी मददगार साबित हो सकता है। टी बैग ऐसे गुणों से भरपूर होता है जो घाव भरने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। अगर आप भी मुंह के दर्द में आराम चाहते है तो इसको कुछ देर के लिए मुंह में रख लें। जिससे आपको कुछ देर में आराम मिल सकता है।

उपयोगी है गार्डन के लिए

सभी लोगों को हरियाली और फूलों से प्‍यार होता है। इसलिए हम में से अधिकांश लोग जगह की कमी होने के बाद भी अपने घरों में गमलों या छोटे बगीचे बनाते हैं।

लेकिन आपके द्वारा उपयोग किये जाने वाले टी बैग आपकी बागवानी या पौधों के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। जिसके कारण आप अपने गार्डन में लगे पौधों को स्‍वस्‍थ रख स‍कते हैं। इसके लिए आपको अलग से ज्यादा मेहनत करने की आवश्‍यकता नहीं है। आप गमलों में या गार्डन में लगे पौधों के आसपास इस्‍तेमाल किये हुए टी बैग को फाड़ कर फैलाएं।

ऐसा करने से आपके पौधों को अतिरिक्‍त मात्रा में पोषक तत्‍व और अन्‍य खनिज पदार्थ प्राप्‍त होते हैं। टी बैग आपके पौधों के लिए आवश्‍यक नाइट्रोजन को जारी करता है। जो कि पौधों के बेहतर विकास और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही अच्‍छा होता है।

त्‍वचा को टोन

आप अपने चेहरे की त्‍वचा को सुंदर बनाने और कसने के लिए इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं। टी बैग में टैनिन नामक घटक होता है जो आपकी त्‍वचा के छिद्रों को कसने के लिए प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया करता है।

यदि आप भी अपनी त्वचा को टोन करने के उपाय ढूंढ रहे हैं तो टी बैग आपकी मदद कर सकते हैं। सबसे अच्‍छी बात यह है कि इसे उपयोग करने के लिए आपको किसी प्रकार का अतिरिक्‍त खर्च नहीं करना पड़ता है। बस आप अपने उपयोग किये हुए टी बैग का इस्‍तेमाल करें। आप अपनी त्‍वचा को टोन करने के लिए चाय की पत्ति के साथ पुदीने को भी शामिल कर सकते हैं।

आप इन दोनों घटकों आपस में मिलाएं और इन्‍हें गीला करने के बाद आपने चेहरे पर लगाएं। यह आपको ठंडा और सुखद अनुभव कराता है। इस तरह से आप अपने चेहरे की त्‍वचा को टोन करने के लिए टी बैग का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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टूटे नाखून को भी करती है सही

कई लोगों के नाखून इतने कमजोर होते है कि उनके बहुत जल्दी टूट जाते है। जो कि कभी कभार समस्या बना जाते है, आपको जानकर हैरानी होगी कि ये समस्या भी टी बैग दूर कर सकते है।

डार्क सर्कल्‍स का घरेलू उपाय

जो लोग देर रात तक जागते हैं या पूरी नींद नहीं लेते हैं ऐसे लोगों को अक्‍सर डार्क सर्कल्‍स और आंखों की थकान जैसी समस्‍याएं होती है। देर रात तक जागना लोगों के लिए तनाव का कारण भी हो सकता है।

लेकिन आप इन सभी समस्‍याओं को दूर करने के लिए टी बैग का उपयोग कर सकते हैं इसलिए आप गर्म पानी में टी बैग को गीला करें और अतिरिक्‍त पानी को टी बैग से निचोड़कर अलग कर दें। इसके बाद अपनी आंखों को बंद करें और टी बैग्‍स को आंखों के ऊपर रखें। बंद आंखों पर लगभग 20 मिनिट तक इन टी बैग्स को रखने से आपकी आंखों को आराम मिलेगा।

इसके साथ ही नियमित रूप से कुछ दिनों तक उपयोग करने पर यह डार्क सर्कल को भी कम करने में प्रभावी होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि टी बैग में टैनिन नामक घटक अच्‍छी मात्रा में मौजूद रहते हैं जो थकी हुई आंखों को तरोताजा करता है।

ऑयली स्किन

बहुत सी महिलाएं और पुरुष तेलीय त्‍वचा की समस्‍या से परेशान रहते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि तेलीय त्‍वचा होने के कारण मुंहासे होने की संभावना अधिक होती है। आप अपनी त्‍वचा को तेल मुक्‍त बनाने के लिए इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

एक अध्‍ययन के अनुसार नियमित रूप से 8 सप्‍ताह तक ऑयली स्किन प्रभावित लोगों के गालों में 3 प्रतिशत ग्रीन टी अर्क का उपयोग कराया गया। जिससे यह निष्कर्ष निकला कि उन लोगों की त्‍वचा में तेल उत्‍पादन की मात्रा में कमी आई।

ग्रीन टी में अल्‍फा-निलोलेनिक एसिड और एपिगलोकेटेशिन गलेट (α-linoleic acid and epigallocatechin gallate) जैसे कुछ यौगिक होते हैं जो आपके तेल ग्रंथियों में मौजूद एंजाइम जिसे 5α-रिडक्टेस (5α-reductase) के नाम से जाना जाता है इनकी गतिविधि को रोकने में मदद करते हैं। यह एंजाइम ही आपकी ऑयली स्किन का कारण होता है। जिसका उपचार करने के लिए आप ग्रीन टी बैग को गीला करें और अपने चेहरे पर इससे हल्‍की मालिश करें।

फोड़ों का उपचार

घाव और कट आदि के उपचार के लिए टी बैग्स प्रभावी माने जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इन टी बैग्स में जीवाणुरोधी और एंटीऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। जिसके कारण गीले या नमी युक्‍त टी बैग्‍स का उपयोग घाव या कट के ऊपर करने से यह उन्‍हें जल्‍दी ठीक करने में मदद करता है।

चाय में जीवाणुरोधी गुणों के लिए टैनिन जिम्‍मेदार होता है जो कि संक्रमण को रोकने में सहायक होता है। इसके अलावा घाव आदि पर टी बैग का उपयोग करने से प्रभावित क्षेत्र में सूजन और दर्द जैसे लक्षणों को भी कम करने में मदद मिलती है।

बदबू दूर करे

सामान्‍य रूप से घर के कोनों में, किचिन में नमी की अधिक मात्रा होने के कारण बदबू आने लगती है। यह समस्‍या विशेष रूप से बरसात के दिनों में होती है। लेकिन आप घर में से आने वाली इस प्रकार की बदबू को दूर करने के लिए टी बैग्स का उपयोग कर सकते हैं।

इसके लिए आप टी बैग्‍स को मलमल के कपड़े में रखें और घर के कोनों और नमी वाली जगह पर इन्‍हें रखें। यह घर की बदबू को दूर करने के लिए डियोड्राइजिंग एजेंट की तरह काम करता है। आप इन टी बैग्‍स को फ्रिज में भी रख सकते हैं। जिससे खाद्य पदार्थों की कई प्रकार की गंध को कम किया जा सकता है।

बालों के लिए

त्‍वचा की तरह ही चाय की पत्‍ती या टी बैग के फायदे बालों के लिए होते हैं। आप अपने बालों के लिए टी बैग का उपयोग कंडीशनिंग के लिए भी कर सकते हैं। इसके लिए आप उपयोग किये हुए टी बैग से चाय की पत्ति निकालें और शैम्‍पू के बाद अपने बालों में लगाकर हल्‍की मालिश करें। ऐसा करने से आपके बालों और स्‍कैल्‍प को अतिरिक्‍त पोषण प्राप्‍त हो सकता है।

बर्तनों को साफ करे

आप अपने द्वारा रसोई में उपयोग किये जाने वाले बर्तनों को साफ करने और लोहे के बर्तनों को जंग से बचाने के लिए भी टी बैग्‍स का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप उपयोग किये हुए नमीयुक्‍त टी बैग्‍स को बर्तन के हर क्षेत्र में रगड़ें। टी बैग में मौजूद टैनिन ऑक्‍सीकरण और जंग को रोकने में प्रभावी होता है।

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Satya Sharma

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