पत्थरी के लिए आसान घरेलु उपाय – होम्योपैथिक दवा – असरदार और कोई नुकसान नहीं

पत्थरी की समस्या से कुछ लोग बहोत परेशान रहते हैं. हजारो रूपये खर्च करने के बाद भी इस समस्या से निजात नहीं मिल पाती. और साथ ही असहनीय दर्द झेलते हैं.

अंग्रेजी दवाएं तो चाहे कितनी भी खा लो लेकिन पत्थरी की समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है. ऐसे में आयुर्वेद या होम्योपैथिक दवाएं ही ठीक असर करती हैं और इनके कोई नुक्सान भी नही हैं.

आज हम जिस दवा के बारे में बात कर रहे हैं वो होमेपथिक दवा है. आइये जानते हैं : –

बरबेरिस वल्गैरिस मदर टिंक्चर (BERBERIS VULGARIS MOTHER TINCTURE) : –

  • मात्र 200 रूपये में किसी भी होम्योपैथिक दवाखाने से बड़ी आसानी से मिल जाने वाली ये दवा शरीर के किसी भी अंग में हुई पत्थरी यानि stone से छुटकारा दिला देगी.
  • इसे लेने कि विधि भी बड़ी सरल है. जिसे पत्थरी है उसे केवल 15 बूंदें एक चौथाई कप गुनगुने पानी में डालनी हैं.
  • दिन में 3 से 4 बार ये 15 बूंदें एक चौथाई कप गुनगुने पानी में डाल कर पीनी हैं. सुबह, दोपहर, शाम और रात.

  • कम से कम 3 बार और ज्यादा से ज्यादा 4 बार लगातार एक से डेढ़ महीने.
  • कभी कभी 2 या 2.5 महीने भी लग सकते हैं. लेकिन जितने भी stone या पत्थरी हों, ब्लैडर में हों, या किडनी में हों या उरेथरा के आस पास कहीं भी हों इससे टूट कर निकल जायेंगे.
  • 2 महीने के बाद एक सोनोग्राफी करवा कर देख लें आपको पता चल जाएगा कितना घुल गया है और कितना बाकी है.
  • ज़्यादातर 99% मामलो में 2 महीने में ख़त्म हो जाती है, किसी किसी केस में 3 महीने भी लग सकते हैं.

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इसके बाद एक दूसरी दवा ज़रूर ले लीजिये : –

चाइना 1000 लिक्विड (CHINA 1000 LIQUID) : –

यह भी होम्योपैथिक दवा है. जब सारी पत्थरी टूट कर घुल कर निकल जाये और दोबारा भविष्य में कभी न हो, क्योंकि बहोत लोगों को बार बार पत्थरी की समस्या होती है. एक बार ख़त्म होने के बाद कुछ समय बाद दोबारा होने लगती है.

उसके लिए इस दवा की 2-2 बूंदें दिन में 3 बार केवल एक दिन लें सीधे जीभ पर डालनी हैं और काम हो गया बस. यह दवा सिर्फ एक ही दिन लेनी है और बरबेरिस वल्गैरिस मदर टिंक्चर लेने के बाद ही लेनी है ऐसे ही नहीं.

इससे आपको भविष्य में कभी भी पत्थरी की समस्या नहीं होगी.

नोट :-

  • चूना बिलकुल नहीं खाना है.
  • जिनको पत्थरी की समस्या नहीं है वो चाइना 1000 लिक्विड लेने की गलती कभी न करें. ऐसा न सोचें कि अभी नहीं फिर भी ले लो ताकि आगे भी न हो. ऐसा बिलकुल नहीं करना है. जिसने बरबेरिस वल्गैरिस ली हो वही चाइना 1000 का भी इस्तेमाल करे.

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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