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रतनजोत है गुणों की खान फायदे जान हैरान हो जायेगे आप- जरुर पढ़े

रतनजोत आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी बूटी है, इस के फायदे कई प्रकार के रोगों के उपचार के लिए होते हैं यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। अल्केतनेट या रतनजोत मुख्य रूप से एक औषधीय जड़ी बूटी है। इस के लाभ हृदय को स्वतस्थक रखने, वजन कम करने, गठिया का इलाज करने, सिरदर्द को कम करने, अनिद्रा का उपचार करने, बालों और त्वइचा को स्व स्थ् रखने, बुखार को कम करने, रक्तहचाप को नियंत्रित करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने, त्वचा का रूखापन दूर करने, दाद-खाज और खुजली से छुटकारा दिलाने, पेट के कीड़ों को खत्म करने आदि के लिए होते हैं। आज इस आर्टिकल में आप रतनजोत के फायदे और नुकसान संबंधी जानकारी प्राप्तब करेगें। आइए जाने इस के फायदे, उपयोग और रतनजोत से संबंधित अन्यि जानकारीयां।

रतनजोत क्याय है?

यह एक औषधीय जड़ी बूटी है जिसे अल्कांनेट के नाम से जाना जाता है। यह एक हर्बल पौधा है जो बोरगिनेस (Boraginaceae) परिवार से संबंधित है। रतनजोत का पौधा बारहमासी होता है जिसकी लंबाई लगभग 0.3 से 0.6 मीटर तक हो सकती है। यह पौधा सामान्यक रूप से समशीतोष्ण वातावरण में अच्छीर तरह से पनपता है। इस के फूल गहरे नींले रंग के होते हैं। इस पौधे की जड़ की ऊपरी त्वoचा काले-लाल रंग की होती है। लेकिन इसकी जड़ गहरे लाल रंग की सामग्री का उत्पा दन करती है। जिसके कारण प्राचीन समय में इस जड़ का उपयोग मुख्यक रूप से डाई के रूप में किया जाता था। इसके अलावा इस का उपयोग वाइन, अल्कोाहल टिंचर, वनस्पतिक तेलों और वार्निश को रंग देने के लिए भी किया जाता है।

रतनजोत मुख्यतः अपने अखाद्य बीज तेल (40%) के लिए जाना जाता है जिसमें औषधीय गुण पाये जाते हैं जिससे त्वचा बिमारियाँ, गठिया एवं लकवा का उपचार होता है।

इस पौधे का ताजा दूग्ध रक्त स्राव रोकने में सहायक होता है। दूग्ध का इस्तेमाल आमतौर से रक्त स्रावित घाव के उपचार में होता है। इसके अतिरिक्त दूग्ध का स्थानीय इस्तेमाल बवासीर, दाद, खाज, खुजली आदि बिमारीयों के उपचार में भी होता है। पत्तियों का काढ़ा बुखार कम करने में सहायक होता है। भूने बीज का इस्तेमाल जुलाब के रूप में कब्ज आदि बिमारियों के उपचार में सहायक होता है।

वे कौन से गुण हैं जो रतनजोत को आक्रमकता प्रदान करते हैं?

रतनजोत अत्यन्त कठोर प्रवृत्ति का पौधा है जो किसी भी प्रकार की मिट्टी में सफलतापूर्वक उगने की क्षमता रखता है। इसकी वृद्धि दर बहुत तीव्र होती है। इस में प्रचुर प्रजनन क्षमता होती है। यह वनस्पति कायिक प्रजनन (vegetative reproduction) द्वारा भी अपने को विस्तारित करने की क्षमता रखता है। भारत में इसका कोई प्राकृतिक शत्रु नही है और शाकभक्षी पशु भी इस पौधे का तिरस्कार करते हैं।

यह जिस स्थान पर उगता है या उगाया जाता है, वहाँ अपना एकाधिकार स्थापित कर लेता है। उपर्युक्त गुण पौधे को आक्रमकता प्रदान करते है जिसके फलस्वरूप भविष्य में यह पौधा देश में खतरनाक खर-पतवार का रूप धारण कर स्थलीय पारितंत्र को भारी क्षति पहुँचा सकता है।

रतनजोत के पोषक तत्वय – Ratanjot Nutrients in Hindi

अपने पोषक तत्वों की रतनजोत में उच्च मात्रा होने के कारण औषधीय उपयोग में लिया जाता है। इस की रासायनिक संरचना इस प्रकार है :

रतनजोत (इथेनॉल एक्सोट्रैक्ट‍) में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख यौगिकों में ईथेन, 1-डाइक्लोइरो, 1 एच-एनजोट्रिआजोल, 4 नाइट्रो, 2-क्लो्राइथाइल मिथे‍नेसल्फोननेट और 4-डायजो आदि होते हैं। इसके अलावा नैप्टाक्विनोन (napthaquinones) भी मौजूद होता है।

रतनजोत एक पौधा है। जिसकी जड़ का उपयोग आयुर्वेदिक दवा बनाने के लिए किया जाता है।

गंभीर सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, लोग डायरिया और पेट के अल्सर के लिए इस का उपयोग करते हैं।

कभी-कभी घावों को ठीक करने और त्वचा रोगों के इलाज के लिए इस को सीधे त्वचा पर लगाया जाता है।

इस में कुछ रसायन एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य कर सकते हैं और सूजन को भी कम कर सकते हैं।

रतनजोत का वानस्प्तिक नाम –

रतनजोत का वानस्परतिक नाम अल्कंन्ना तिनकोरिया (Alkanna Tinctoria) है। इसे आमतौर पर अल्केतनेट कहा जाता है। कपड़ों को रंगने वाले इसे बग्लॉतस कहा जाता है जबकि हिंदी में इसे रतनजोत के नाम से जाना जाता है कुछ लोग इसे लालजारी भी कहते हैं। इस जड़ी बूटी को मराठी और बंगाली में भी इस के नाम से ही जाना जाता है। अन्य भाषा में रतनजोत के नाम इस प्रकार हैं।

  • तमिल भाषा में – पटाई
  • उर्दू भाषा में – बाल जद
  • फ्रेंच में – बुग्लोलस एजुरेजर्मन में – नटर्नकोप्फक-लोटवूर्ज
  • कश्मीचरी में – यतिलुंग
  • पंजाबी में – लालजारी
  • संस्कृ त में – महाराणागा ।

रतनजोत के बीज –

इस के पौधे के लगभग सभी भागों को औषधीय और व्या।पारिक उपयोग किया जाता है। इस के बीज का उपयोग भी कई प्रकार से किया जाता है। क्योंlकि इस के बीजों में पर्याप्त/ मात्रा में तेल होता है। इस तेल का उपयोग कई प्रकार के कृत्रिम ज्वलनशील पदार्थों के निर्माण में किया जाता है।

रतनजोत के पत्ते –

रतनजोत के पत्तेक एक साथ दो के युग्मज में होते हैं जिनकी लंबाई लगभग 1 से 2 इंच तक होतीहै। इस के पत्तियों के निचले हिस्सेि में मोटी मोटी नसे या डंठल होते हैं। जिन डंठलों में इस के पत्तेै होते हैं उनकी लंबाई लगभग 8 इंच तक होती है। ये पत्तियां शुरुआती हिस्से में सकरी या संक्रीण होती हैं जिनकी मध्यंम में चौडाई लगभग 1 इंच से लेकर 6 इंच तक होती है। इन पत्तियों की ऊपरी परत में छोटे-छोटे बाल युक्त रूए होते हैं।

कई अध्यंयनों से पता चलता है कि रतनजोत औषधीय गुणों से भरपूर होता है। जिसके कारण इस के फायदे कई स्वापस्य्रु समस्यातओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। औषधीय लाभ प्राप्तत करने के लिए इस पौधे के लगभग सभी हिस्सोंक का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन विशेष रूप से इसकी जड़ का उपयोग सबसे ज्यालदा होता है।

आइए विस्तापर से जानते हैं रतनजोत के फायदे और स्वाीस्य्रण लाभ क्याह हैं?

दिल के लिए –

रतनजोत की जड़ के लाभ दिल को स्वhस्थ> रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस के औषधीय गुण शरीर में मौजूद उन विषाक्ता पदार्थों को दूर करते हैं जो हृदय समस्यालओं का कारण हो सकते हैं। इसके लिए आप पानी में इस की जड़ को कुछ देर के लिए भीगने दें और फिर इस पानी का सेवन करें। ऐसा करने से एल्केयनेट की जड़ शरीर से विषाक्तपता को बाहर निकालने और रक्तक को अवशोषित करने के लिए दिल की कार्य क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। जिससे आप अपने हृदय को स्वरस्थप रख सकते हैं।

वजन कम करने में –

यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो इस का उपयोग कर सकते हैं। क्योंतकि रतनजोत जड़ के पाडउर के फायदे वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए आपको वजन कम करने के लिए रासायनिक उत्पाकदों का सेवन करने के बजाय रतनजोत की जड़ का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए आप नियमित रूप से इस की जड़ के पाउडर का सेवन करें। ऐसा करने से आपके शरीर में बिना किसी दुष्प्रहभाव के वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

ब्ल ड प्रेशर कंट्रोल करे –

रतनजोत में मौजूद औषधीय गुण रक्तपचाप को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। उच्चश रक्तचाप एक गंभीर समस्याक है जिसका स्थाकई इलाज संभव नहीं है। लेकिन प्राकृतिक औषधियों का सेवन कर आप इसके लक्षणों को नियंत्रित अवश्यह कर सकते हैं। इस की जड़ में हाइपो-टेंस (hypo-tense) प्रभाव होता है जो आपकी हृदय प्रणाली को स्वरस्थल रखने में सहायक होता है। जिससे आप उच्चइ रक्त चाप की समस्याा को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा रतनजोत के गुण रक्त्वाहिकाओं में अवरोध को रोकने में मदद करते हैं। जिससे हार्ट अटैक की संभावना को कम किया जा सकता है।

औषधीय गुण बुखार कम करे –

रतनजोत की जड़ में प्राकृतिक शीतलन गुण उच्चh मात्रा में होते हैं। जिससे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि आयुर्वेद पारंपरिक चिकित्साा में बुखार का उपचार करने के लिए रतनजोता का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा रतनजोत में पसीने को प्रेरित करने वाले गुण भी होते हैं। जिससे बुखार से ग्रसित व्यचक्ति की उपचार प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलती है। क्यों कि पसीने के माध्यिम से बैक्टी रिया और शरीर के तापमान को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

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गठिया के लिए –

गठिया एक बहुत ही कष्ट दायक समस्या< है जिसमें आमतौर पर शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों में अत्याkधिक दर्दहोता है। लेकिन आपको चिंता करने की आवश्य कता नहीं है क्योंयकि इस का उपयोग गठिया का इलाज कर सकता है। गठिया के उपचार के लिए इस के तेल का इस्ते माल किया जा सकता है। दर्द प्रभावित क्षेत्र पर रतनजोत के तेल से मालिश करने पर नसों को आराम मिलता है जिससे दर्द के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा आप नियमित रूप से इस रूट पाउडर का सेवन भी कर सकते हैं। जो आपको भविष्य में गठिया से संबंधित समस्यालओं से बचा सकता है.

सिर दर्द दूर करे –

रतनजोत में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो शरीर में उचित रक्तक परिसंचरण को बनाए रखने में सहायक होते हैं। शरीर में उचित रक्त प्रवाह न होने के कारण ही शरीर और सिर में दर्द हो सकता है। यदि आप भी सिर दर्द की समस्याा से परेशान हैं तो इस की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। रतनजोत की जड़ का सेवन करने पर यह सिर दर्द के साथ ही माइग्रेन की समस्या को भी दूर कर सकता है।

लाभ स्कार्स के लिए –

आप अपने चेहरे में मौजूद निशानों और धब्बों के लिए कई प्रकार के रासायनिक उत्पाूदों का इस्तेपमाल करते हैं। जबकि रतनजोत के फायदे स्किन स्कापर्स को कम करने में सहायक होते हैं। इस में त्व चा को साफ करने की क्षमता होती है। इसलिए इसका उपयोग कई फेस मास्का और चेहरे की सफाई करने वाले उत्पा दों में प्रमुख रूप से किया जाता है। इस की जड़ त्वकचा को कई प्रकार के संक्रमण से बचा सकती है। क्योंचकि इसकी प्रकृति एंटी-इंफ्लामेटरी होती है। जिसके कारण यह विशेष रूप से जले हुए निशानों का इलाज और उपचार कर सकता है। इस के फायदे सनबर्न जैसी समस्यारओं को भी दूर करने में प्रभावी होते हैं।

औषधीय गुण बालों को मजबूत करे –

आप अपने बालों को स्वयस्थब रखने के लिए रतनजोत की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। इस की जड़ बालों को मजबूत करने और बालों संबंधी अन्यप समस्यायओं को प्रभावी रूप से दूर करने में सहायक होती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंतकि इस की जड़ में बालों को रंगने वाले प्राकृतिक गुण होते हैं जो बालों के लिए सुरक्षित होते हैं। नियमित रूप से इस की जड़ के पेस्ट और तेल का उपयोग करने पर यह बालों को प्राकृतिक रंग देने के साथ ही इन्हेंक झड़ने से बचाते हैं। यदि आप भी बाल झड़ने की समस्या़ से परेशान हैं तो रतनजोत की जड़ के लाभ ले सकते हैं।

बेनिफिट्स फॉर स्किन –

एंटी-वायरस और एंटी-बैक्टी रियल गुणों की मौजूदगी के कारण रतनजोत के फायदे त्वंचा सबंधी संक्रमण को दूर करने में सहायक होते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि त्वंचा हमारे शरीर का एक प्रमुख अंग है जिसका अधिकांश हिस्साफ हमेशा खुला रहता है। जिसके कारण यह कई प्रकार के संक्रमण और बैक्टीिरिया से प्रभावित हो सकती है। लेकिन आप अपनी त्वअचा को स्वेस्थ रखने और संक्रमण से बचाने के लिए इस की जड़ और तेल का उपयोग कर सकते हैं। नियमित रूप से उपयोग करने पर यह त्‍वचा कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्सस के प्रभाव से बचाता है। ये फ्री रेडिकल्स् त्व चा में झुर्रियों का प्रमुख कारण होते हैं। आप इस प्रकार की त्वशचा संबंधी समस्यासओं से बचने के लिए इस तेल को अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके अलावा आप इस की जड़ के पाउडर का सेवन करना भी त्वशचा के लिए लाभकारी होता है।

दाद-खाज और खुजली का इलाज –

दाद को ठीक करने के लिए भी रतनजोत की जड़ का उपयोग किया जाता है। हरपीज एक ऐसी त्वंचा समस्या है जो त्व चा में खुजली और घाव बना सकती है। जिससे रक्तभस्राव होना आम है। इस प्रकार की समस्यास बैक्टीचरिया के प्रभाव के कारण होती है। जिनके प्रभाव को कम करने के लिए आपको एंटी-वायरस प्रभाव की आवश्यनकता होती है। इस की जड़ में एंटी-वायरस प्रभव होते हैं जिसके कारण आप हरपीज का इलाज कर सकते हैं। इसके लिए आप इस जड़ के पाउडर को पानी के साथ पेस्टं बनाएं और प्रभावित जगह पर लगाएं। नियमित रूप से कुछ दिनों तक ऐसा करने से आपको हरपीज से छुटकारा मिल सकता है।

रतनजोत के नुकसान –

रतनजोत एक औषधीय जड़ी बूटी है जो कई प्रकार के स्वाउस्य्े लाभ दिलाने में सहायक होती है।

दवा के रूप में अल्कन्ना का उपयोग करने के बारे में बहुत अधिक चिंता है, क्योंकि इसमें हेपेटोटॉक्सिक पाइरोलिज़िडिन एल्कलॉइड (पीए) नामक हानिकारक रसायन होते हैं। हेपेटोटॉक्सिक पीए, यकृत में नसों में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है और जिगर की क्षति का कारण बन सकता है। हेपेटोटॉक्सिक पीए भी कैंसर और जन्म दोष का कारण हो सकता है।

कटी हुई त्वचा के लिए इस लगाने के लिए भी सही नहीं है (UNSAFE) रतनजोत में खतरनाक रसायनों को कटी हुई त्वचा के माध्यम से जल्दी से अवशोषित किया जा सकता है और शरीर की खतरनाक विषाक्तता उत्पन्न हो सकती है। यह जानने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है कि क्या यह इस को कटी त्वचा पर लगाना सुरक्षित है। इसलिए इसके उपयोग से बचना सबसे अच्छा है।

विशेष सावधानियां और चेतावनी:

कुछ लोगों के लिए रतनजोत से नुकसान भी हो सकते हैं।

  • कुछ लोगों को रतनजोत का उपयोग करने से एलर्जी का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि त्वएचा में खुजली, चकते या दाने आना।
  • रतनजोत से निकाला गया तेल खाने योग्य नहीं होता है इसलिए इसे खाने की कोशिश न करें यह जेहरीला हो सकता है।
  • इस के फल और पत्ती को सीधा नहीं खाना चाहिए इससे आप बीमार पड़ सकते हैं।
  • गर्भावस्थान और स्तीनपान कराने वाली महिलाओं को रतनजोत का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • अधिक मात्रा में इस का सेवन करना लिवर रोगी के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
  • उच्च रक्त चाप रोगी को भी बहुत ही कम मात्रा में रतनजोत की जड़ का सेवन करना चाहिए।

नोट – रतनजोत का उपयोग बालों और त्वचा के लिए बाहरी रूप में किया जा सकता है अन्य किसी भी उपचार में इसका इस्तेमाल करने से पहले औषधी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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Satya Sharma

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