पैर में अगर मोच आ जाये तो इन घरेलु नुस्खो से आप दर्द से जल्द राहत पा सकते है.

मोच के कई कारण हो सकते हैं जैसे अधिक भर उठाने से पैर का मुड़ना या फिर चलते दौड़ते समय अचानक से पैर का जरुरत से जयादा मुड जाना। कुछ लोग तो एक ही पैर में बार बार मोच आने से भी परेशान रहते हैं। दोस्तों, यदि आपकी मोच हलकी फुलकी है तो आप उसे घरेलु नुस्खे और प्राकर्तिक उपचार के उपाय अपनाकर ठीक कर सकते हैं। आम तौर पर आपको 1-2 दिन में आराम मिल जाता है। लेकिन यदि आपको कुछ दिनों बाद भी आराम न मिले और दर्द और सुजन आपकी सहन से बहार हो रहे हैं तो किसी अच्छे हड्डियों के डॉक्टर से मिलना ही समझदारी होगी।

कई बार दौड़ते समय या चलते समय पांव में मोच आ जाती है यानि नीचे से आपका पांव मुड़ जाता है, जिसकी वजह से आपके काफी दर्द होता है। मोच आने पर इतना दर्द होता है कि आप खड़े भी नहीं हो पाते हैं। आज हम आपको मोच सही करने के वो तरीके बता रहे हैं जिन्हें आप अपने घर पर ही आजमा सकते हैं और अपनी मोच को बिना दर्द के ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं मोच ठीक करने के वो आसान तरीके।

अचानक दौड़ते या चलते हुए पैरों में मोच आ जाना, यह एक आम समस्या है। मोच आने पर इंसान एक जगह अपना पैर पकड़कर बैठ जाता है और उसे काफी दर्द झेलना पड़ता है। इसलिए आज हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर पैर में आई हुई मोच से जल्दी आराम पाया जा सकता है।

पैर में मोच आने के कारण :

अधिकांश समय हमारे पैर के टखने पर मोच पैर के अचानक मुड़ने,गिरने,तेज दौड़ने या ऊंची जगह से कूदने की वजह से भी आ जाती है, जबकि घुटने में अक्सर मोच, घुटने में चोट लगने से, अचानक घुटनों के जोड़ों पर दबाव पड़ने से या गिरने की वजह से भी कई बार घुटने में मोच आ जाती है।

मोच से आराम पाने के लिए करे ये उपाय-

हल्दी और चूने का करें इस्तेमाल-

जब पांव में या हाथ में मोच आ जाए तो एक एक कटोरी या छोटे पैन में दो चम्मच हल्दी और एक चम्मच चूना लें। फिर उसको अच्छी तरह से फेंटकर धीमी आंच में एक-दो मिनट रखने के बाद उतार दें और गुनगुना गर्म अवस्था में मोच वाले जगह पर लगाएं। जब तक न सूखे निकालें नहीं, सूखने के बाद गुनगुने गर्म पानी से धो लें। आपको कुछ देर में आराम मिलने लगेगा।

बर्फ का सेंक करें-

कई बार पांव की तरह हाथ में भी मोच आ जाती है, ऐसा होने पर जहां भी मोच आ गई है वहां बर्फ का सेंक करें। इसके लिए थोड़ी सी बर्फ एक कपड़े में बांधकर सूजन वाली जगह पर लगाएं, जिससे कि आपका खून सर्कुलेशन ठीक हो जाता है और आपका दर्द धीरे-धीरे कम होने लग जाता है।

 

ये भी पढ़े-

पान के पत्ते-

पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर उसे हल्का गुनगुना गर्म करके मोच वाले स्थान पर बांधने से लाभ होता है।

एलोवेरा है लाभकारी-

मोच आने पर एलोवेरा लगाना न भूलें इससे दर्द तुरंत गायब हो जाता है।

शहद और चूने का मिश्रण-

चूने में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता हैं जो की हड्डियों में असरकारक होता हैं इसीलिए सामान्यतः दर्द में और चोट लगने पे इस्तेमाल किया जाता हैं । मोच वाले स्‍थान पर शहद और चूना मिला कर हल्‍की मालिश करें।

फिटकरी भी है फायदेमंद-

जब मोच आ जाए तो दूध में आधा चम्मच फिटकरी डालकर पीएं।

नमक-

नमक में थोड़ी सी गर्माहट देने के गुण होते हैं जो की दर्द को ख़तम करता हैं । नमक को सरसों के तेल में मिलाएं और घुटने में मोच वाली जगह में लगायें जिससे इस दर्द से आराम मिलेगा।

मोच आने से कैसे बचा जाये-

पौष्टिक आहार लेने से तथा एक्सरसाइज करने से मांसपेशियाँ , लिगामेंट्स आदि मजबूत और लचीले बने रहते हैं तथा मोच आने की संभावना कम हो जाती है। इससे चोट या मोच लगने पर ठीक भी जल्दी हो जाते हैं यानि रिकवरी फ़ास्ट होती है।अपने खाने पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए जो इस प्रकार है –

— पानी पर्याप्त मात्रा में पियें। पानी की कमी होने पर पर मोच आने की संभावना बढ़ जाती है।

— मांसपेशियों को तथा लिगामेंट्स आदि को प्रोटीन की जरुरत होती है , पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं या नहीं देख लें।

— कोलेजन युक्त आहार लेने चाहिए। विटामिन C युक्त सिट्रस फ्रूट्स , गाजर पत्तेदार सब्जी जैसे पालक आदि लेने से लिगामेंट्स को ताकत मिलती है और मोच लगने की संभावना कम हो जाती है। नींबू पानी भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

— ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त चीजों को अपने आहार में स्थान अवश्य दें ये जॉइंट टिशू के लिए भी बहुत लाभदायक है। अलसी के बीज , अखरोट आदि इसके उत्तम स्रोत हैं।

— अपने शरीर में जिंक की कमी ना होने दें , चोट लगने या मोच आने पर यह खनिज तीव्रता से ठीक होने में मदद करता है।

ये भी पढ़े-

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

अगर आपको इससे कोई फायदा लगे तो इसे शेयर करके औरों को भी बताएं.

हमें सहयोग देने के लिए हमारे Sandhya Gujral पर Like ज़रूर करें!

Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

Leave a Reply