क्या आपके घर की महिलाएं करती हैं ये काम? जान लीजिये हमेशा रहेगी खुशहाली…

सबसे पहले तो यही समझिये कि मैंने महिलाओं को ही क्यों कहा है. क्योंकि घर को चलाने वाली महिलाएं mahilayein ही होती है.

समाज की संरचना इस प्रकार से ही हुई है कि भले ही समाज देखने में पुरुष प्रधान लगता है लेकिन घर बसाने में महिलाओं की ही मुख्य भूमिका रहती है. इसीलिए शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः ।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।५६।।

जहां स्त्रीजाति का आदर-सम्मान होता है, उनकी आवश्यकताओं-अपेक्षाओं की पूर्ति होती है, उस स्थान, समाज, तथा परिवार पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं । जहां ऐसा नहीं होता और उनके प्रति तिरस्कारमय व्यवहार किया जाता है, वहां देवकृपा नहीं रहती है और वहां संपन्न किये गये कार्य सफल नहीं होते हैं ।

घर की महिलाएं कई ऐसे काम करती है जो जाने अनजाने में पूरे घर-परिवार को नकुसान पहुंचा जाती है और ठीक उसी प्रकार खुशहाली और तरक्की का भी बड़ा कारण बनती हैं। इसका सीधा असर परिवार के लोगों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। क्योकि लक्ष्मी जी इन्ही कार्यो से खुश होती है और आप के घर में बरकत और सुख शांति देती है.

तो आपको बताते है कि घर की महिलाओं को ऐसे कौन से काम करने चाहिए और कौनसे काम नही करने चाहिए…

पहला काम – सूरज डूबने के बाद नही दें दूध-दहीं :

सूरज डूबने के बाद यदि कोई बाहर का व्यक्ति आप से दूध या दही मांगे तो उस समय आपको ये नही देना चाहिए। ऐसा करने से उस घर की लक्ष्मी चली जाती है। रात को सोने से पहले किचन को साफ करके सोना चाहिए। इससे घर में वैभव और लक्ष्मी दोनों की प्राप्ति होती है।

दुसरा काम – रात को सोने से पहले करें बर्तन साफ :

रात को सोने से पहले महिलाओं को खाने के बर्तन साफ करके सोना चाहिए, अगर खुद बर्तन साफ़ नहीं करती हैं तो जो भी करे, लेकिन रसोई घर में झूठे बर्तन नहीं रहने चाहिए। गन्दे बर्तन रात भर किचन में छोड़ना , घर में अशान्ति और बिमारी को दावत देता है। यही नही रात भर झूठे बर्तन घर की लक्ष्मी को भी घर में प्रवेश करने से रोकते है और लक्ष्मी को स्थाई नही होने देते है। इसलिए रात को सोने से पहले सारे गंदे बर्तन साफ करके सोना चाहिए।

आज के समय में स्त्रियां घर में नौकरों से काम करवाती है, तो उस परिस्थिति के अनुसार ही घर के बर्तन की सफाई होती है, अगर ये समस्या आपके साथ भी है तो आप कोशिश करे कि बर्तनों को आप खुद ही धोकर रखे और बाद में सोये। रात को स्वम् ही सारा किचन साफ़ कर के सोये हो सके तो रोटी के डब्बे जिस में आप रोटी बना कर रखते है उस में रात के समय हमेशा एक रोटी जरुर रखे ताकि अन्न देवता आपसे सदा खुश रहे.

तीसरा काम – बाल खोलकर नही सोना चाहिए :

रात को सोते समय अक्सर महिलायें mahilayein स्वंय की सुविधा के लिए बाल खोल कर सोती है। ऐसा करना घर में नेगटिव एनर्जी को आमंत्रित करता है। इसलिए घर की सभी महिलाओं को रात में बाल खोलकर नही सोना चाहिए.

चौथा काम – रात को पूरे घर में रखे नमक :

हफ्ते में एक बार रात को सोने से पहले घर के सभी कमरों में थोड़ा – थोड़ा सेंधा नमक या काला नमक एक अखबार के ऊपर रखकर फर्श पर रखें। सबसे पहले सुबह उठते ही किसी से बिना बात किए इस नमक को इक्ट्टा करके किसी गंदे नाले में फेंक दें। इससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाएगी। और यदि घर में किसी ने जादू टोना टोटका करवा रखा है तो वो भी बेअसर हो जाएगा।

पांचवा काम – झाडू की सही दिशा :

सभी महिलाओं को सोने से पहले झाडू को दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। इससे धन लक्ष्मी का भण्डार होता है और हो सके तो दिन के समय में भी झाड़ू को छिपा कर रखे।

छठा काम – पानी ना रखें :

अगर रात को आप पानी साथ रख कर सोती है तो पानी को हमेशा साथ में यानि की बराबर में रखें। बेड के सिरहाने भूलकर भी पानी ना रखें। वरना आपके घर की लक्ष्मी रूठ सकती है।

ध्यान दें-

जैसे कि अब जमाना बदल गया है और हम पुराने रीति रिवाजों को रुढ़िवादी मानते हैं. यहाँ बताये गये सभी काम शायद आपको भी पहली नज़र में दकियानूसी लगे. लेकिन ऐसा अनेक शोध और रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि हिन्दू धर्म के सभी रीति रिवाज पूरी तरह से लॉजिक पर आधारित हैं.

आप यहाँ बताये गये किसी भी काम को तर्क की दृष्टि से देखिये कि वह सही है कि नहीं. झूठे बर्तन बैक्टीरिया पैदा करेंगे जिससे बीमारियाँ पैदा होंगी और उनके इलाज में पैसा खर्च होगा. तो लक्ष्मी जी खुद ही रुष्ट हो गयी.

ऐसे ही शाम के समय आयुर्वेद के अनुसार खट्टी चीज़ें खाने से वात-पित-कफ़ का संतुलन बिगड़ता है, यह तो सबको पता है. इसलिए रात के समय दही लस्सी लेने से बीमारी बढती है जिसके इलाज में फिर से पैसा खर्च होता है तो लक्ष्मी जी तो दूर ही जाती दिखेगी.

लॉजिक और स्वास्थ्य के आधार पर ही हिन्दू धर्म आधारित है अगर इसका गलत प्रचार न किया जाए तो.

तो महिलाओं के लिए जो हमने काम बताये है उनको ये काम कभी ना करना चाहिए। तरक्की अपने आप आपके दरवाजे पर आएगी।

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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