जामुन तो फायदेमंद होता ही है, इसकी गुठलियां के फायदे जानकार आप कभी गुठलियां भी नहीं फेकेंगे

जामुन एक मौसमी फल है. खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं. जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है. जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है. जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है.

जामुन की गुठली का चूर्ण के फायदे यदि आपको पता नहीं हैं तो इसकी जानकारी जरूर प्राप्‍त करें। आपको जानकर हैरानी होगी कि जितने फायदे जामुन के हैं उतने ही इसकी गुठली के भी होते हैं। आप जानते हैं कि जामुन मधुमेह(diabetes) के उपचार के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं जामुन की गुठली आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी उतनी ही फायदेमंद होती है। इसे आयुर्वेद में दवा के रूप में उपयोग किया जाता है।

जामुन की गुठली हमारे शरीर से हानिकारक रसायनों  (Harmful chemicals) को बाहर करने में मदद करती है। यह मधुमेह प्रबंधन का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका (Natural way) है। इसलिए अब जब भी आप जामुन खाएं तो इसके बीजों को न फेकें यह आपके लिए बहुत ही उपयोगी हो सकते हैं। आइए जाने इस की गुठली के फायदे और नुकसान के बारे में।

जामुन की गुठली के फायदे-

जैसा की आप जानते हैं कि जामुन में बहुत से पोषक तत्‍व (Nutrients) मौजूद रहते हैं जो हमे बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाने में मदद करते हैं। इस की गुठली में भी इसी तरह के पोषक तत्‍व होते हैं जो कुछ विशेष प्रकार की और गंभीर समस्‍याओं का निदान कर सकते हैं। आइए जाने जामुन के उपयोग जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होते हैं।

किडनी स्टोन की प्रॉब्लम-

किडनी स्टोन होने पर जामुन की गुठली का पाउडर बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ 1 चम्मच इस पाउडर का सेवन करें। आपकी किडनी स्टोन की समस्या कुछ समय में ही दूर हो जाएगी।

दांतों और मसूड़ों की समस्या- 

अगर आपको दांतों और मसूड़ों में दर्द या ब्लीडिंग की समस्या है तो इसे मंजन की तरह इस्तेमाल करें। नियमित रूप से इस पाउडर से मंजन करने पर आपकी प्रॉब्लम कुछ समय में ही ठीक हो जाएगी।

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बिस्तर गीला करना-

अगर आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन की गुठली को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाने से लाभ मिलता है।

जामुन की गुठली के फायदे त्‍वचा के लिए-

आप अपनीत्‍वचा की समस्‍याओं (Skin problems) को दूर करने के लिए जामुन की गुठलीयों का उपयोग कर सकते हैं। यह आपके चेहरे और शरीर के अन्‍य भागों में आने वाले चकते का प्रभावी रूप से इलाज कर सकते हैं। आप अपने चेहरे की समस्‍याओं और हल्‍के निशानों से छुटकारा पाने के लिए इस की गुठली के पाउडर और हल्‍दी का उपयोग करें। यह आपकी त्‍वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद (Beneficial to skin) हो सकता है

पेचिश-

जामुन की गुठली के चूर्ण को एक चम्मच मात्रा में दिन में दो-तीन बार लेने पर पेचिश में आराम मिलता है।

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जामुन
जामुन

जामुन की गुठली का चूर्ण मधुमेह के लिए-

इस चमत्‍कारिक फल में अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के साथ-साथ मधुमेह को नियंत्रित करने की अद्भुद क्षमता होती है। जामुन के बीजों में अल्‍कोलोइड होते हैं जिसकी उपस्थिति के कारण स्‍टार्च (Starch) को चीनी में बदलने से रोका जा सकता है। इसलिए मधुमेह रोगी द्वारा जामुन की गुठलीयों का सेवन करने पर यह उनके रक्‍त ग्‍लूकोज के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप जामुन के बीजों को छांव में सुखाएं और फिर इनका पाउडर बना लें। मधुमेह रोगी (Diabetic patients) द्वारा इस पाउडर को नियमित रूप से दिन में तीन बार दूधया पानी के साथ सेवन किया जाना चाहिए। आप इसे सुबह खाली पेट भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यदि नियमित रूप से जामुन की गुठलीयों के पाउडर का सेवन किया जाता है तो यह धीरे-धीरे शरीर पर मधुमेह के प्रभाव को कम करता है। यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं या आपको इसकी शंका है तो आप फायदेमंद जामुन की गुठलीयों का सेवन कर सकते हैं।

रक्तप्रदर की समस्या-

रक्तप्रदर की समस्या होने पर इस की गुठली के चूर्ण में पच्चीस प्रतिशत पीपल की छाल का चूर्ण मिलाकर, दिन में दो से तीन बार एक चम्मच की मात्रा में ठंडे पानी से लेने से लाभ मिलता है।

जामुन की गुठली का पाउडर पाचन को ठीक करे-

जिन लोगों को पाचन की समस्‍या होती है उनके लिए इस की गुठली बहुत ही प्रभाकारी दवा होती है। जामुन की गुठली का उपयोग कर पाचन संबंधी समस्‍याएं जैसे कब्‍ज, दस्‍त, पेट की गैस आदि से छुटकारा पाया जा सकता है। जामुन की गुठली का उपयोग सूजन (swelling) को ठीक करने के लिए भी फायदेमंद होता है। जामुन की गुठली का पाउडर या काढ़ा का सेवन कर प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मजबूत किया जा सकता है।

जामुन
जामुन

जामुन की गुठली का पाउडर कैसे बनाएं-

यदि आप औषधीय गुणों से भरपूर जामुन की गुठलीयों का उपयोग करना चाहते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती हैं। आप यह जानते हैं कि जामुन एक मौसमी फल (seasonal fruit) है जो कि हर समय उपलब्‍ध नहीं होता है। इसलिए आप इसके बीजों को इकहट्ठा करके इसका पाउडर बना सकते हैं। जामुन की गुठलीयों का पाउडर बनाना बहुत ही आसान हैं।

आइए जाने जामुन की गुठलीयों का पाउडर कैसे बनाया जा सकता है।

आप पहले इस के पके हुए फलों को अच्‍छी तरह से साफ करके इसके बीज को अलग कर लें और बीजों को अच्‍छी तरह से धो लें। आप इन बीजों को कच्‍चे ही खा सकते हैं या फिर इसका रस निकालकर भी उपयोग कर सकते हैं। लेकिन पाउडर बनाने के लिए इन बीजों को 2-3 दिनों तक छांव में सुखा लें। अच्‍छी तरह से गुठलीयों के सूख जाने पर इनके ऊपर का आवरण ढ़ीला हो जाता है जिन्‍हें आप निकाल दें जिससे आपको हरे बीज प्राप्‍त होगें।

इन हरे बीजों को कुछ दिनों के लिए फिर से सूखने के लिए छोड़ दें जिससे वे पूरी तरह से सूख जाते हैं। अच्‍छी तरह से सूख जाने के बाद आप इन बीजों को मिक्‍सी की सहायता से पीस लें। जो बीज पिस नहीं पाते हैं उन्‍हें अलग न करें बल्कि उन्‍हें कुचलकर फिर से पीसने की कोशिश करें। अच्‍छी तरह से पीसने के बाद आप पाउडर को छानकर किसी हवा रोधी बर्तन में बंद करके रख लें और जब आपको आवश्‍यक हो आप इसका सेवन करें।

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

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