अनियमित माहवारी (पीरियड्स) और इससे होने वाले असहनीय दर्द से बचने के लिये घरेलू उपचार

यूं तो माहवारी (Periods) महिलाओं के लिए समस्या नहीं, बल्कि प्रकृति का विशेष उपहार है, लेकिन जब यह अनियमित हो जाए तो जरूर एक समस्या बन जाता है। कई बार इसके कारण भी पता नहीं होते, कि आखिर क्यों माहवारी में देरी हो रही है, आज मैं आपको इसी के बारे में बता रही हूँ –

जानिए माहवारी (Periods) देरी से आने के कारण

महिलाओं एवं युवतियों में हर महीने होने वाला मासिकधर्म जिसे आम भाषा में माहवारी, पीरियड्य या मेन्सेस भी कहा जाता है, जरूरी नहीं है कि हर महीने एक ही तारीख पर आए। लेकिन गर्भावस्था के अलावा भी इसके देरी से आने के अलग-अलग कारण कारण हो सकते हैं। जानिए कौन से हैं वे कारण –

  • कम या अधि‍क उम्र में माहवारी की शरुआत होना कई बार माहवारी में अनियमिता पैदा करता है, जो कि सामान्य बात है। समय के साथ इसका नियमन होता, अत: चिंता की बात नहीं है।
  • वजन का अत्यधिक बढ़ना या मोटापा भी माहवारी में अनियमितता का एक प्रमुख कारण है। कई बार यह समस्या थायरॉइड के कारण होती है, अत: डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
  • हमारी दिनचर्या और खानपान में बदलाव के कारण भी कई बार माहवारी देरी से आने की समस्या होती है। ऐसे में अपनी जीवनशैली और डाइट को व्यवस्थित कर आप इसे नियमित कर सकते हैं।
  • माहवारी देरी से होने का एक गंभीर कारण पॉलिसिस्टिक ओवरी सिड्रोम हो सकता है, अत: ऊपर दिए गए कारणों के अलावा अगर ऐसा होता है तो इसकी जांच जरूर करवाएं।
  • तनाव एवं जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी माहवारी को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कारण है। ओवरी यानि अंडाशय पर सिस्ट अर्थात आवरण बन जाने के कारण भी अक्सर ऐसा होता है।

पीरियड्स कर दर्द हर महिला के लिए अलग होता है। पीरियड्स में न केवल पेट में दर्द रहता है बल्क‍ि पैर और पीठ में भी काफी तकलीफ बनी रहती है। आजकल की अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल का असर महिलाओं के पीरियड्स पर भी पड़ता है।

जानिए इसके लिए आसान घरेलु उपाय

हालांकि पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाने के लिए बाजार में कई तरह के दर्द‍-निवारक मौजूद हैं लेकिन अक्सर महिलाएं दवाइयों के साइड इफेक्ट के बारे में सोचकर दवाई नहीं खाती हैं। पर कई बार ये दर्द इतना अहनीय हो जाता है कि दवा लेना ही पड़ता है लेकिन अगर आप दवाई खाने से बचना चाहती हैं तो इन घरेलू उपायों को भी अपना सकती हैं:

अदरक है कारगर उपाय

पीरियड्स के दर्द में अदरक खाना बहुत फायदेमंद रहता है। आप चाहें तो इसके छोटे-छोटे टुकड़ों को पानी में उबालकर पी सकती हैं। इससे दर्द में आराम मिलेगा।

 

पपीता भी है लाभदायक

पपीता पाचन क्रिया को मजबूर बनाने का काम करता है। पीरियड्स के दौरान इसका सेवन करने से दर्द में आराम मिलता है।

ये भी पढ़े-

तुलसी के पत्ते

अगर बहुत दर्द है तो चाय बनाते समय उसमें कुछ पत्ते तुलसी के डाल दें। इस चाय को पीने से दर्द में आराम मिलेगा।

प्रोसेस्ड फूड्स

प्रोसेस्ड फूड्स जैसे केन फूड, चिप्‍स आदि का सेवन भी पीरियड्स दर्द का कारण बनते हैं। ऐसे में आपको इनकी बजाए साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। पीरियड्स के समय मीट खाने से भी बचें। इसकी बजाए आप मछली का सेवन कर सकती हैं।

चीनी युक्‍त फूड

केक, कुकीज, कैंडी और चीनी युक्‍त पेय पीरियड्स के समय और भी ज्‍यादा दर्द पैदा करते हैं। अगर आपको इन दिनों मीठा खाने का मन करे तो, आप मीठे फल जैसे, आम, तरबूज या सेब आदि खा सकती हैं। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान आइसक्रीम, चीज, क्रीम और डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन भी न करें।

अजवायन के सेवन से

पीरियड्स के समय अक्सर महिलाओं को गैस की समस्या हो जाती है। इस वजह से भी उनके पेट में दर्द होता है। इससे बचने के लिए अजवायन का सेवन भी कारगर होगा।

ऑयली और स्पाइसी फूड्स

मासिक धर्म के दौरान ज्यादा तला और स्पाइसी खाना खाने से गैस, बदहजमी, पेट फूलने जैसे समस्याएं रह सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि इस दौरान इस चीजों से परहेज बनाएं रखें।

किसी महीने में महावारी हुई तो किसी महीने में टल गई, ऐसे में शरीर को भी नुकसान होता है। आइये जानते हैं कि अनियमित महावारी से बचने के लिये प्राकृतिक रूप से कौन-कौन से तरीके हैं।

ये भी पढ़े-

टिप्‍स जो करे पीरियड (Periods) को रेगुलर

  • इस समस्‍या को ठीक करने के लिये सहिजन, तरोई, सफेद कद्दू, तिल का बीज और करेला का नियमित सेवन करें। रोजाना दिन में दो बार करेले की जड़ का काढा पीजिये और देखिये कि यह प्राकृतिक तरीके से कैसे ठीक हो जाता है।
  • कब्‍ज पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ से दूर रहें खास कर के महावारी के आखिरी चक्र में। खट्टे खाघ पदार्थ, फ्राइड फूड और प्रोटीन से भरी दालों का सेवन ना करें।
  • अपनी डाइट में मछली का प्रयोग करें क्‍योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि मासकि चक्र के दौरान बहुत ही लाभकारी होता है।
  • बैंगन, मीट, पीला कद्दू और आलू को पीरियड्स शुरु होने के एक हफ्ते पहले ना खाएं।
  • सौंफ खान से पीरियड्स टाइम पर आते हैं। यहां तक की तिल का तेल भी बहुत ही लाभकारी होता है। मासिक चक्र शुरु होने के एक हफ्ते पहले सौंफ का बना काढा लें।
  • तिल के बीज को जीरा पाउडर और गुड के साथ मिला कर खाएं। इससे पीरियड टाइम पर होगा।
  • रोजाना अंगूर का जूस पीने से भी आपको अनियमित महावारी से मुक्‍ती मिलेगी।
  • रोजाना व्‍यायाम करें जिससे शरीर का टंपरेचर सामान्‍य बना रहे और अनियमित महावारी कंट्रोल में रहे।
  • कच्‍चा पपीता खाइये। यह एक प्राकृतिक तरीका है जो कि ज्‍यादातर महिलाएं पीरियड को टाइम पर लाने के लिये और प्रेगनेंसी से मुक्‍ती पाने के लिये करती हैं।

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

अगर आपको इससे कोई फायदा लगे तो इसे शेयर करके औरों को भी बताएं.

हमें सहयोग देने के लिए हमारे Sandhya Gujral पर Like करना न भूले.

धातु रोग, मर्दाना कमजोरी, देर तक नहीं टिकना, 1 मिंट में निकल जाने की समस्या, शुक्राणु के पतलेपन की आयुर्वेदिक उपचार डॉ नुस्खे हॉर्स पावर किट ऑर्डर करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://waapp.me/wa/tSQUZRpC या whats-app 742-885-8589 करें!

Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

Leave a Reply