जानिये इमली के बीज के चमत्कारी लाभ जो आपको हैरान कर देंगे.

इमली के बीज बहुत लाभकारी हैं। इमली काम में ले लेने के बाद इसके बीज प्राय: फेंक दिए जाते हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि इस के बीज यौन दुर्बलता को दूर करने में शिलाजीत से ज्यादा कारगर हैं। इसके अलावा स्वप्न दोष धातु की कमज़ोरी और स्त्रियों के प्रदर रोग में भी ये बहुत लाभकारी हैं। ये सस्ती और मर्दाना ताक़त के लिए बहुत बढ़िया दवा हैं।

पुरुषों में उम्र के साथ-साथ यौन दुर्बलता आने लगती है, जिससे वे हमेशा निराश और बेचैनी का अनुभव करते हैं। इस नुस्खे को अपनाकर वे अपना खोया हुआ यौवन पुन: प्राप्त कर सकते हैं। पुरुष यदि इस घरेलु नुस्खे को अपनाएं तो उनकी यौन दुर्बलता कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएगी। यह बहुत ही आसान और बिल्कुल देसी तरीके से किया जा सकता है।

बचपन में आपने इमली तो बहुत खाई होगी और हो सकता है अभी भी आप खाते हों लेकिन क्या आप इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं? इसे खाने से इतने फायदे होते हैं जिनके बारे में जानकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे.

व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाली खट्टी इमली, किसे नहीं पसंद होती। कभी बच्चे तो कभी युवतियां इसे चटकारे लेकर खाते दिखाई दे जाते हैं। यही नहीं कई तरह की चटनियां इमली के स्वाद के बगैर अधूरी ही होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि इस में स्वाद के साथ-साथ कई स्वास्थ्यवर्धक गुण भी पाए जाते हैं।

जानिए इमली से जुड़े सेहत के यह लाभ –

तो अब जानिए इमली और इसके बीजों के चमत्कारिक आयुर्वेदिक लाभ-

कैंसर से लड़ने में मदद-

इमली का जूस पीने से कैंसर से लड़ने की शक्ति मिलती है। इमली एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध है। एक अध्ययन में बताया गया है कि इस के बीज किडनी को फेल और कैंसर की रोकथाम में मदद करते हैं।

खांसी : टी.बी. या क्षय की खांसी हो-

(जब कफ़ थोड़ा रक्त आता हो) तब इमली के बीजों को तवे पर सेंक, ऊपर से छिलके निकाल कर कपड़े से छानकर चूर्ण रख ले। इसे ३ ग्राम तक घृत या मधु के साथ दिन में ३-४ बार चाटने से शीघ्र ही खांसी का वेग कम होने लगता है । कफ़ सरलता से निकालने लगता है और रक्तश्राव व् पीला कफ़ गिरना भी समाप्त हो जाता है ।

वजन कम-

अगर आप अपने वजन को लेकर सतर्क हैं, और वजन कम करना चाहते हैं, तो इस आपकी मदद कर सकती है। वजन घटाने के लिहाज से इसमें हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में वसा को कम करने वाले इन्जाइम को बढ़ाता है।
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पीलिया या पांडु रोग-

इमली के वृक्ष की जली हुई छाल की भष्म १० ग्राम बकरी के दूध के साथ प्रतिदिन सेवन करने से पान्डु रोग ठीक हो जाता है।

इमली
इमली

खूनी बवासीर-

इमली के पत्तों का रस निकालकर रोगी को सेवन कराने से रक्तार्श में लाभ होता है ।

बिच्छु के काटने पर इमली आती है काम-

अगर किसी इंसान को बिच्छू काट ले तो उस समय भी इमली का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर बिच्छू काट ले तो इमली के दो टुकड़े कर के बिच्छू की काटी हुई जगह पर इसे लगा दे, फायदा होगा.

मोटापे से मिलता है छुटकारा-

इमली खाकर आप मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं. इमली में हाइड्रोसिट्रिक नामक एसिड होता है जो आपके शरीर में बनने वाले फैट को धीरे- धीरे कम करता है. इसके अलावा इमली ओवरईटिंग से भी बचाती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता.

सफेद पानी या व्हाइट डिस्चार्ज-

इमली का पाउडर पुरुषों के साथ महिलाओं के लिए भी लाभकारी है। जैसे सफेद पानी या व्हाइट डिस्चार्ज की प्रॉब्लम। महिलाओं की इस समस्या में ये बहुत लाभदायक है।

लू लगने से बचाती है इमली-

गर्मियों में अक्सर लू लग जाने से तबीयत खराब हो जाती है. लू से बचने में भी इमली फायदेमंद होती है. एक ग्लास पानी में 25 ग्राम इमली भिगोकर इसका पानी पीने से लू नहीं लगती. इसके अलावा इमली का गूदा हाथ- पैर के तले पर लगाने से लू का असर खत्म हो जाता है.

शीघ्रपतन-

लगभग ५०० ग्राम इमली ४ दिन के लिए जल में भिगों दे । उसके बाद इस के छिलके उतारकर छाया में सुखाकर पीस ले । फिर ५०० ग्राम के लगभग मिश्री मिलाकर एक चौथाई चाय की चम्मच चूर्ण (मिश्री और इमली मिला हुआ) दूध के साथ प्रतिदिन दो बार लगभग ५० दिनों तक लेने से लाभ होगा ।

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सूजन-

शरीर के किसी अंग में किसी प्रकार की सूजन होने पर एक कटोरी में गेहूं का आटा, इमली के पत्ते, इमली का रस, एक चुटकी नमक लेकर उबालें और जब यह लेप तैयार हो जाए तो इसे गर्म रहने पर ही सूजन वाले स्थान पर लगा लें।

इमली
इमली

ब्लड प्रेशर भी करती है कंट्रोल-

इमली में आयरन और पोटेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और रेड ब्लड सेल को बनाने में मदद करती है.

अण्डकोशों में जल भरना –

लगभग 30 ग्राम  ताजा पत्तियाँ को गौमूत्र में औटाये । एकबार मूत्र जल जाने पर पुनः गौमूत्र डालकर पकायें । इसके बाद गरम – गरम पत्तियों को निकालकर किसी अन्डी या बड़े पत्ते पर रखकर सुहाता- सुहाता अंडकोष पर बाँध कपड़े की पट्टी और ऊपर से लगोंट कास दे । सारा पानी निकल जायेगा और अंडकोष पूर्ववत मुलायम हो जायेगें ।

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

अगर आपको इससे कोई फायदा लगे तो इसे शेयर करके औरों को भी बताएं. साथ ही ध्यान रखें कि सभी घरेलु नुस्खे सभी के लिए बराबर कारगर नहीं होते. अपनी तासीर के हिसाब से इनका इस्तेमाल करें. कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत वैद्य या चिकित्सक से संपर्क करें.

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