भयानक सर दर्द हो या माईग्रेन – कुछ ही पलों में हो जाएगा छू मंतर! पढ़ें और शेयर करें!

सर दर्द जो पहले किसी किसी को और कभी कभी होता था, आज कल हर किसी की समस्या बना हुआ है.

दरअसल, दिन भर की भागदौड़ और हर पल बढ़ते तनाव की वजह से तकरीबन सभी इसी समस्या से परेशान है.

अगर आप भी सर दर्द के शिकार हैं और इससे बिना दवाई खाए आराम चाहते हैं तो आगे पढ़ते रहिये.

सर दर्द की दवा खाने के नुकसान :-

ये तो आपको पता ही होगा कि अंग्रेजी दवाओं के इतने फायदे नहीं होते जितने नुकसान होते हैं. दर्द निवारण की कोई भी दवा हो उससे आपको सिर्फ कुछ पलों के लिए राहत मिलती है. जैसे ही उसका असर ख़त्म हुआ, दर्द वैसा का वैसा.

नतीजन, आप दोबारा दवा खाते हैं. लेकिन इसके नुकसान भी जान लीजिये :

किडनी फेल होना –

आप कोई भी दवा खाते हो वो मुह के ज़रिये पहले आपके पेट में जाती है. वहां उसमें से ज़रूरी दवा निकलने का काम किडनी का होता है. अगर आप लगातार ये दर्द निवारण की दवाएं खाते हैं जिन्हें आम बोलचाल में अंग्रेजी शब्दों में पेन किलर कहते हैं तो आपकी किडनी पर अनावश्यक बोझ पड़ता है. इससे किडनी की कार्य क्षमता कम होती जाती है. और यही प्रक्रिया लगातार चले तो किडनी फ़ैल हो जाती है.

 ये भी पढ़े –

डायबिटीज का पक्का ईलाज !जो डायबिटीज को जड़ से उखाड़ फेंकेगा

6 तरीके जो 7 दिन में पेट को अंदर कर देंगे- जरुर आजमाए

दवाओं की आदत पड़ना –

सर दर्द की दवा आपके सर दर्द का इलाज नहीं करती है. बल्कि कुछ देर के लिए आपके दर्द बताने वाली कोशिकाओं को, यानी न्यूरोन्स का काम रोक देती है. दर्द मौजूद रहता है लेकिन महसूस नहीं होता. इस दौरान शरीर अपना काम करता रहता है और दर्द निवारण करता है.

ऐसे में आपको लगता है कि दवा खाने से आराम हुआ है. जबकि ऐसा नहीं है. नतीजन हर बार दर्द में आप दवा खाने से नहीं हिचकते और शरीर में इसकी आदत लगती है.

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता –

सर दर्द होते ही तुरंत गोली खाने वाले लोग अकसर दूसरी बीमारियों से भी जल्दी ग्रसित हो जाते हैं. इसका कारण यही है कि ये दवाएं आपके शरीर की प्राकृतिक उपचार यानि नेचुरल हीलिंग में दखलंदाज़ी करती हैं. नतीजन आप जल्दी बीमार पड़ते हैं.

कम सहनशक्ति –

अगर आप हर बार सर दर्द के लिए दवा खाते हैं यानी शरीर में बाहर से कोई उपचार करते हैं तो आपका शरीर खुद उसके लिए काम करना छोड़ देता है. अब खुद ही सोचिये इसका परिणाम क्या होगा? आपकी सहन शक्ति कम हो जाना लाज़मी है.

ये भी पढ़े –मोटापे से हैं परेशान तो खाएं ये , कुछ दिनो में गायब हो जाएगी चर्बी

अगर आपके भी हाथ (Hands) कापते हैं तो हो जाइये सतर्क – जाने कारण और बचाव

तो क्या करें सर दर्द के लिए?

जब भी सर दर्द हो, ध्यान रखिये कि शरीर में बाहर से कोई गोली या मलहम या कोई और इलाज करने की बजाय अपने शरीर को ही उसका काम करने दीजिये.

इसका सबसे अच्छा इलाज है सांस लेने की प्रक्रिया में. और वो भी बिलकुल मुफ्त. जानिए कैसे –

  • नाक के दो हिस्से हैं। दायाँ स्वर और बायां स्वर, जिनसे हम सांस लेते और छोड़ते हैं, पर यह बिल्कुल अलग – अलग असर डालते हैं।
  • दाहिना नासिका छिद्र “सूर्य” की तरह गर्म और बायां नासिका छिद्र “चन्द्र” की तरह शीतल लक्षण को दर्शाता है।
  • आसान भाषा में दाहिने छिद्र यानि सूर्य प्रतीक को आप समझिये गरम और बहिने छिद्र यानि चन्द्र प्रतीक को समझिये ठंडा.
  • सिर दर्द के दौरान, दाहिने नासिका छिद्र को बंद करें और बाएं से सांस लें। यानी कि गरम को रोक कर शरीर में ठंडक करिए.

आपको सिर्फ 5 मिनट लगेंगे सर दर्द को बिना दवा के छू मंतर करने में. अगर आप शरीर की मुद्राओं और नेति से अनजान हैं तो आपको शायद ये पढने में अविश्वसनीय लगे.

और सही भी है. इस पर भरोसा तब ही कीजियेगा जब आपको खुद परिणाम मिल जाये. यकीनन आपको इससे फायदा ज़रूर होगा.

 

क्या करें माईग्रेन के लिए?

माईग्रेन भी सर दर्द का ही एक रूप है. इसका विज्ञानिक कारण तो अभि तक पता नहीं लगाया जा सका है, लेकिन यह किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकता है. दवाओं से इसका इलाज संभव नहीं है. लेकिन कुछ आदतें अपना कर आप इसे न सिर्फ काबू पा सकते हैं बल्कि दर्द से जल्द ही मुक्ति भी पा सकते हैं.

  1. हाथों का स्पर्श : माइग्रेन के दर्द में दवाईयों से ज्यादा असरदार होता है हाथों को स्पर्श। तो जब भी दर्द उठे हल्के हाथों से मालिश करें अच्छा मेहसूस होगा।
  2. ठंडे या गरम पानी से सेक करें : दर्द को दूर भगाने के लिए एक तौलिया ले और गुनगुने पानी से गिला कर के दर्द वाली जगह पर सेक करें। हो सकता है आपको ठंडे पानी या बर्फ से भी आराम मिले।
  3. दर्द के दौरान बटर या मख्खन में मिश्री मिला कर खाना भी लाभदायक साबित होगा। बस ध्यान रखिये कि बाज़ार वाला नमकीन बटर नहीं इस्तेमाल करना है.
  4. माइग्रेन के दर्द में लाइट म्युज़िक सुनना भी काफी असरदार होता है।
  5. आप कपूर को घी में मिलाकर भी मालिश कर सकते हैं, आराम मिलेगा।
  6. नींबू के छिल्के को पीस कर लेप बना लें और माथे पर लगाए, दर्द काफी हद तक कम हो जाएगा।
  7. माइग्रेन के दर्द के छुटकारा पाने के लिए आप अरोमा थेरेपी भी ले सकते हैं, जिसमें हर्बल तेलों का इस्तेमाल किया जाता है।

विनम्र विनती :

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

अगर आपको इससे कोई फायदा लगे तो इसे शेयर करके औरों को भी बताएं.

हमें सहयोग देने के लिए हमारे फेसबुक (Facebook) पेज – Khabar Nazar पर Like करना न भूलें.

Disclaimer :

बताये गये नुस्खे किसी भी डाक्टरी सलाह का विकल्प न समझें. यह नुस्खे काम ज़रूर आते हैं लेकिन इमरजेंसी में इन पर निर्भर न रहे. साथ ही डॉक्टर से भी सलाह लेना बेहतर होगा।

बिना कोई दुष्प्रभाव के साथ सुरक्षित आयुर्वेदिक धातु रोग, मर्दाना कमजोरी, देर तक नहीं टिकना 1 मिंट में निकल जाने की समस्या, शुक्राणु के पतलेपन की आयुर्वेदिक उपचार डॉ नुस्खे हॉर्स पावर किट ऑर्डर करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://waapp.me/wa/LYyy6LN3 Whats_app 7455-896433 करें!

Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

Leave a Reply