पेट की गैस और एसिडिटी को दूर भगाने के सरल घरेलु उपाय

पेट में गैस बनना आम बात है लेकिन कई बार इसकी वजह से सीने में भी दर्द होने लगता है। गैस भयंकर तरीके से सिर में चढ़ जाती है और उल्टियां तक आने लगती है। अगर आपको भी खतरनाक तरीके से गैस बनती है तो आप देसी दवाई की जगह घरेलू उपायों के जरिए इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं। दरअसल, गैस बनने से पेट फूलने लगता है और पाचन संबंधी दिक्कत पैदा हो जाती है। अगर आपको ज्यादा गैस बनती है तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें क्योंकि इसकी वजह से आपको घातक पेट के रोग हो सकते हैं। पेट फूलने और गैस बनने पर आप घर में ही मौजूद चीजों से इसका इलाज कर सकते हैं और इस बीमारी से जड़ से छुटकारा पा सकते हैं।

आइए जानते हैं पेट में बनने वाली गैस को किस तरह से घरेलू नुस्खों से दूर किया जा सकता है…

पानी पीना:

नियमित रूप से सुबह के समय दो गिलास पानी पीना एसिडिटी के इलाज के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय है। यह पेट में एसिड के स्तर को बनाए रखने में सहायता करता है और डाइजेशन (पाचन क्रिया) में भी सुधार करता है।

ठंडा दूध:

गर्म दूध की तुलना में ठंडा दूध, हर्ट बर्न और एसिड बनने के इलाज के लिए एक बेहतरीन उपाय है। दूध में मौजूद कैल्शियम पेट में होने वाली जलन से तत्काल राहत प्रदान करता है और यह पेट में एसिड को बनने से रोकता है तथा अतिरिक्त एसिड को अवशोषित करने का भी कार्य करता है।

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पवित्र तुलसी:

बेसिल जिसे पवित्र तुलसी के नाम से भी जाना जाता है। तुलसी की पत्ती गैस्ट्रिक एसिड के प्रभाव को कम करने, अतिरिक्त गैस को बनने से रोकने और एसिडिटी से पीड़ित व्यक्ति की मदद करती है। तुलसी की 2-3 पत्तियां नियमित चबाने से एसीडिटी की समस्या से छुटकारा मिलता है।

गुड़ (जैगरी):

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बुजुर्ग भोजन के बाद गुड़ क्यों खाते हैं? क्योंकि गुड़ पाचन के लिए अच्छा होता है। यह पेट में एसिडिटी को कम करता है और इसे अधिक क्षारीय बनाता है। भोजन के बाद गुड़ खाने की आदत बनाएं।

अदरक:

अदरक एसीडिटी के इलाज के लिए एक कारगर उपाय है क्योंकि यह शरीर के पीएच स्तर को संतुलित रखने का कार्य करता है। यह पेट में एसिड के स्तर को कम करके पेट को आराम देता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए, अदरक के रस में थोड़ा नींबू का रस डालकर इसका सेवन करें।

पुदीने की पत्ती:

याद रखें कि एसिडिटी के लिए पुदीनहरा एक कारगर दवा है। इस दवा को पुदीने की पत्ती का रस निचोड़कर बनाया जाता है, जो पेट में अतिरिक्त एसिड बनने से राहत प्रदान करता है। पुदीना एक प्रभावी और सबसे अच्छा प्राकृतिक शीतलता प्रदान करने वाला है। पुदीने की कुछ पत्तियों को पानी में उबालें और इसे ठंडा करने के बाद इस पानी को पिएं।

एलोवेरा:

एलोवेरा का उपयोग एक प्रभावी घरेलू उपचार के रूप में एसिडिटी का इलाज करने के लिए किया जा सकता है। एलोवेरा के उत्तेजक गुण पेट में सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र में होने वाली पीड़ा को कम करते हैं। एलोवेरा जूस का उपयोग हर्टबर्न के इलाज के लिए भी कर सकते हैं। भोजन करने से पहले एलोवेरा से बनी चीजों का उपभोग अच्छा होता है क्योंकि यह भोजन में प्रभावी पाचन को बढ़ावा देता है।

मठ्ठा (छाछ):

पेट में एसिड बनने में एक एंटीडोट (विष हारक औषधि) की तरह कार्य करता है। एक गिलास ठंडे छाछ का सेवन पेट के लिए जादू की तरह कार्य करता है और पेट में ठंडक प्रदान करता है। छाछ में पाया जाने वाला लैक्टिक एसिड पेट में एसिडिटी के लक्षण और जलन को कम कर देता है। मसालेदार और भारी भोजन करने के बाद स्वयं को एसिडिटी से छुटकारा दिलाने के लिए यह एक प्रोबायोटिक पेय है। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए इस पेय में थोड़ा काली मिर्च पाउडर डालें।

नारियल पानी:

नारियल का पानी पेट में एसिड स्त्राव को सामान्य रखने में सहायता करता है। इस नारियल पानी में उच्च फाइबर सामग्री होती है जो अपच और एसिड को बनने से रोकने का कार्य करता है।

सौंफ:

क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों लोग अक्सर रात के खाने के बाद सौंफ का उपभोग करते हैं। सौंफ पेट में होने वाली एसिडिटी से आराम पहुँचाने में बेहद फायदेमंद हैं और पेट में होने वाली किसी भी तरह की ऐंठन को रोकता है। सौंफ में पाए जाने वाले मिनरल्स, विटामिन और फाइबर पाचन क्रिया में मदद करते हैं। आप थोड़े से सौंफ को पानी में भिगो सकते हैं और शीघ्र लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक दिन इस पानी को पी सकते हैं।

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अनानास का रस:

एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए अनानास का रस बहुत प्रभावी होता है। इसमें ऐसे एंजाइम होते हैं जो पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के उत्पादन स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और एसिडिटी को रोकते हैं। इस रस में एक चुटकी नमक डालने से इसके परिणाम प्राप्त हो जाएंगे।

जीरा:

जीरा एक शक्तिशाली एसिड को अप्रभावी बनाने के रूप में कार्य करते हैं जो पाचन में सुधार करते हैं और पेट दर्द को कम करते हैं। एसिडिटी के इलाज के लिए इन बीजों को कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है – जैसे कि आप इन बीजों को थोड़े गर्म पानी के साथ कच्चा खा सकते हैं या आप बीज को पानी में उबाल लें और भोजन करने के बाद इस पानी को पी सकते हैं या कुछ भुने हुए बीज पीसकर एक गिलास पानी में मिलाएँ और पी लें।

आंवला :

आंवला अनेक गुणों वाला एक आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ है जो विस्तृत रूप से अपने लाभकारी गुणों के लिए जाना जाता है। भूख बढ़ाने वाला यह आंवला एसिडिटी के लिए एक प्राकृतिक रूकावट बन जाता है। यह क्षतिग्रस्त पेट और एसोफैगस (ग्रासनली) को भी ठीक करता है। नियमित रूप से एक चम्मच आंवला पाउडर खाना एसिडिटी को रोकने के लिए फायदेमंद होता है।

सब्जी का रायता:

एसिड से पीड़ित होने पर खीरा, टमाटर, या धनिया पत्ती जैसी सब्जियों के साथ बनाया गया रायता बहुत उपयोगी होता है। आप इसे अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए रायता में कुछ भुना हुआ जीरा पाउडर डाल सकते हैं।

अजवाइन:

अजवाइन एंटी-एसिड गुणों से भरपूर है जो इसे एसिड के इलाज के लिए एक अच्छा उपाय है। दो सप्ताह तक गर्म पानी के साथ अजवाइन, काला नमक का सेवन करें यह एसिडिटी से छुटकारा दिलाने का एक बेहतर घरेलू उपाय है। आप इन बीजों को पानी में उबाल कर इस मिश्रण को छानकर पी सकते हैं।

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केलाः

जब पेट से संबंधित बीमारियों की बात आती है, तो केला बहुत महत्व रखता है। यह फल क्षारीय है और आपके पेट में एसिड के प्रभाव को कम करता है। एसिडिटी से पीड़ित होने पर प्रतिदिन एक केला खाना एक उचित विकल्प है।

कच्चे बादाम:

यह एक घरेलू उपचार है जो एसिडिटी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। सुनिश्चित करें कि आप उन्हें पानी में नहीं भिगोएंगे या फिर बादाम को किसी अन्य तरीके से प्रयोग करेंगे। कच्चे बादाम में प्राकृतिक तेल और फाइबर की समृद्ध मात्रा होती है जो भोजन के बाद पाचन क्रिया में मदद करता है।

नीबू पानी:

एसिडिटी का इलाज करने के लिए नींबू पानी एक अच्छा घरेलू उपाय है यह पाचनशक्ति को बढ़ाता है। यह आपके पेट में मौजूद एसिड के प्रभाव को बेअसर करने में मदद करता है। भोजन से पहले नींबू पानी को पीने से उचित पाचन को बढ़ावा मिलता है। बेहतर परिणामों के लिए आप इस पानी में जीरा पाउडर और सेंधा नमक डाल सकते हैं।

पपीता:

अपने आहार में पपीते को शामिल करने से आपके पाचन में सुधार होता है और यह एसिडिटी को कम करता है। पपीते में पाई जाने वाली फाइबर सामग्री पेट से अतिरिक्त एसिड को बाहर निकालने में मदद करती है।

एसिडिटी की समस्या खान-पान के कारण ज्यादा होती है। इसलिए ज्यादा गरिष्ठ भोजन करने से परहेज करना चाहिए। एसिडिटी के समय रात को सोने से तीन घंटे पहले डिनर कर लेना चाहिए, जिससे खाना अच्छे से पचे। इन नुस्खों को अपनाने के बाद भी एसिडिटी अगर ठीक न हो रही हो तो चिकित्सक से संपर्क अवश्य कीजिए।

इसके साथ ही ये उपाय भी करें

समय पर भोजन करें और भोजन करने के बाद कुछ देर वॉक जरूर करें।

अपने खाने में ताजे फल, सलाद, सब्जियों का सूप, उबली हुई सब्जी को शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां और अंकुरित अनाज खूब खाएं। ये विटामिन बी और ई का बेहतरीन स्रोत होते हैं जो शरीर से एसिडिटी को बाहर निकाल देते हैं।

खाना हमेशा चबा कर और जरूरत से थोड़ा कम ही खाएं। सदैव मिर्च-मसाले और ज्यादा तेल वाले भोजन से बचें।

अपने रोजमर्रा के आहार में मट्ठा और दही शामिल करें।

ताजे खीरे का रायता एसिडिटी का बेहतरीन उपचार हैं।

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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