ये बीमारी आपके शरीर को खोखला बना रही है आपको तो ये बीमारी नही?

इस समय हमारे देश मे सबसे गम्भीर बीमारी डायबिटीज (Diabetes) है जिसको शुगर भी कहते है. 4 करोड़ 80 लाख लोगो को ये बीमारी हो चुकी है और 3 करोड़ को होने वाली है. हमारे 4 करोड़ 80 लाख लोग इस बीमारी के शिकार है. अगर ये बीमारी है तो सारा शरीर खोखला हो जाता है ये डायबिटीज (Diabetes) की बीमारी को सारी दुनिया के वैज्ञानिक कहते है कि ये एक ऐसी बीमारी है जिससे आपको पता ही नहीं चलेगा कि आप मर गए.

इसको अंग्रेजी मे साइलेंट किलर कहते है ये चुप चाप मार देती है. जिनको डायबिटीज (Diabetes) हो जाती है अंदर ही अंदर उनकी दोनों किडनी खराब हो जाती है, उनके लीवर खराब हो जाते है, उनका खून खराब हो जाता है और खराब खून बहुत खतरनाक होता है और इसकी वजह से ब्रेन हेमरेज हो सकता है ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है डायलिसिस हो सकता है यहाँ तक कि इन्सान मर भी सकता है. इससे व्यक्ति को अंधापन भी आ जाता है.

आप ये मान लो कि डायबिटीज हो गया तो कुछ भी हो सकता है और इस बीमारी का इलाज हमारे देश के बड़े बड़े डॉक्टर भी नही कर पाए अगर किसी भी बड़े डॉक्टर के पास आप जाओगे तो वो बोलेगा इन्सुलिन का इंजेक्शन लगवाओ या इन्सुलिन की गोली खाओ. ये जो इन्सुलिन है ये डायबिटीज से ज्यादा खतरनाक है डायबिटीज का मरीज अगर 25-30 साल जिन्दा है तो इन्सुलिन इसको 15 साल मे मार देगा क्यूंकि इन्सुलिन शरीर की हवा साफ करती है जितने भी इन्सुलिन लेते है सब बुरी हालत मे जाते है शरीर सड जाता है अंग गल जाते है खतरनाक osteomyelitis जैसी बीमारी आ जाती है.

अगर आपकी पहचान मे कोई व्यक्ति है ऐसा जो डायबिटीज का मरीज है और इन्सुलिन ले रहा है तो उसको मना करना ये मत लो अच्छी चीज नहीं है अगर फिर भी ना छोड़े तो उसको बताओ की इलाज करो योग प्राणयाम और आयुर्वेद की मदद से. प्राणयाम करना है डायबिटीज के मरीजो ने सबको बताना है कि तीन प्राणायम करने है रोज एक घंटे एक प्रणायाम है जिसका नाम हस्तिका प्न्च्मेघ हर दिन सवेरे करना है, दूसरा प्राणायाम है कपालभारती वो करना है तीस मिनट आधा घंटा प्रतिदिन हर सवेरे हर रोज और तीसरा प्राणायाम है आलोम विलोम वो करना है हर दिन आधे घंटे.

तो पहला हस्तिका दूसरा है कपालभारती तीसरा आलोम विलोम वैसे तो सबको 8 प्राणयाम हम सिखाते है लेकिन आप जो मरीज है उनको कहो 8 करे नही कर पाए तो बहुत अच्छा तीन तो जरुर करने पड़ेंगे. हस्तिका 5 मिनट कपालभारती आधे घंटे आलोम विलोम आधे घंटे हस्तिका कैसे होता है आराम से बैठे जैसे मैं बैठा हुआ हू ऐसे बैठे और आपकी जो तर्जनी ऊँगली है और अंगूठा ये इस तरह से स्पर्श कर लिया इसको ध्यान मुद्रा कहते है.

आप इसमें आराम से बैठ कर धीरे धीरे साँस लेंगे धीरे धीरे छोड़ेंगे लम्बी साँस भरेंगे लम्बी साँस छोड़ेंगे यही प्रणायाम है बस यही करना है. पांच मिनट करना है लगातार रुकना नहीं है फायदा इसका बहुत जायदा होता है. पांच मिनट लगातार कोई भी कर सकता है आराम से बैठ के तो ये हस्तिका प्राणायाम. दूसरा प्राणयाम है कापालभाती. वो क्या होता है झटके से साँस भर के निकालते है ताकत के साथ झटके के साथ साँस को भरके निकालना है और साँस लेने के बारे मे नहीं सोचते बस निकालने के बारे मे सोचते है लेने का काम तो अपने आप हो जाता है अपको निकालना है

और जब साँस निकालेंगे तो ये जो पेट है न ये अंदर हो जाएगा. कापालभारती आधे घंटे लगातार अगर कोई आधे घंटे करेगा तो बहुत प्रभावी है डायबिटीज मे इतना बढ़िया ये प्राणायाम है जिनको भी डायबटीस २०-२० साल से है उनको बस ये प्रणायाम करना है आलोम विलोम इसमें क्या है जो बाहिनी नाक है उसे दाहिने अंगूठे से बंद करे दाहिनी नाक और बाहिनी नाक से पूरी साँस निकालना है बाहर और बाहिनी नाक से फिर साँस भरे और दाहिनी से निकाल दे और फिर दाहिनी से भरे बाहिनी से निकाल दे और फिर बाहिनी से भरे दाहिनी से निकाल दे….

बस इसी को करते है इसको कितनी देर करेंगे आधे घंटे तो ये हो गया आलोम विलोम इससे पहले हो गया कपालभारती और उससे पहले हस्तिका ये तीन प्राणयाम रोज एक घंटे करना एक घंटा पांच मिनट और इसके साथ मे एक आयुर्वेद की दवा ले सकते है. वो दवा आप लिख मेथी दाना हमारे घर मे है उसको लेना है 100 ग्राम और उसको पत्थर मे पीसके पाउडर बना लेना 100 ग्राम मेथी दाना खाएं.

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हम इसे आचार मे डालते है, आम के आचार मे डालते है, निम्बू के आचार मे डालते है, सब्जियों मे डाले जाते है. एक और दवा है 100 ग्राम तेज पत्ता ले, हमारे घर मे है हम इसको मसले के रूप मे इस्तेमाल करते है इसको धुप मे सुखा ले और पत्थर मे पीस कर पाउडर बना ले और ये तीसरी दवा है 150 ग्राम जामुन की गुठली (जामुन का बीज़) जामुन के फल तो सब खाते है उसका जो बीज़ निकलता है फेंकना नहीं है डायबिटीज के लिए बड़े काम की चीज है.

बाजार मे भी मिल जाता है 150 ग्राम जामुन का बीज़ और 250 ग्राम बेलपत्थर का पत्ता बेलपत्थर वही जो शंकर भगवान को चढ़ाते है तो २५० ग्राम ले लिया बेल पत्थर पत्ता १५० ग्राम ले लिया जामुन का बीज़ १०० ग्राम ले लिया तेज़ पत्ता १०० ग्राम मेथी दाना चारो को पीस ले पत्थर पर और ये आपस मे मिलाये दवा तैयार हो गयी. अब इसको खायंगे कैसे ? ये सुबह खानी है खाना खाने से एक घंटा पहले. सुबह खाने का मतलब है नाश्ते से एक घंटा पहले सवेरे और शाम को भी ये लेनी है खाना खाने से एक घंटा पहले शाम का खाना जिसे डिनर कहते है उससे एक घंटे पहले और सुबह का खाना नाश्ता उससे एक घंटा पहले और ये हमेशा लेनी है गर्म जल के साथ तो लगभग डेढ़ से दो महीने मे सबकी शुगर ठीक हो जाएगी.

डायबिटीज किसी को दो महीने से ज्यादा का समय ही नहीं लगेगा ठीक होने मे. आराम से आप अपनी बीमारी ठीक कर सकते है अब प्राणयाम करने मे तो खर्चा कुछ नही होता और ये जो दवा है भारत मे इसमें भी मुश्किल से २० या २५ रुपया खर्च होगा क्यूंकि कई बार राजीव भाई ने ये खुद बना बना के लोगो को दी है और ये दवा एक-एक चम्मच खाना है सुबह शाम तो तीन महीने चलती है डायबिटीज का ये बहुत सस्ता है और बहुत प्रभावी है ये इलाज जिसने भी किया है सब ठीक हो गये सबकी शुगर ठीक हो गयी

तो ये आप करो आपको जरूरत पड़े तो आप करे नही तो जिनको जरूरत पड़े उसको बता दो अपने भारत मे ७ करोड़ ७० लाख लोगो को इस इलाज की जरूरत है तो जब भी कोई मिले आपको जिसको डायबिटीज है उसको बताना. अब आपके मन मे एक सवाल आएगा की इस इलाज का परहेज और सावधानी है वो ये है की चीनी नही खानी है जब तक ये इलाज चलेगा चीनी बंद कर देनी है न चाय मे चीनी लेंगे न दूध मे चीनी लेंगे न दही मे लेंगे न ही चीनी की मिठाई खाएगे चीनी नही खायंगे.

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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