जानलेवा डेंगू का है ये इलाज – डॉक्टर भी देते हैं इसकी सलाह – पढ़िए और शेयर कीजिये

पिछले कईं सालों से अक्टूबर-नवम्बर आते ही मानो हर कोई डेंगू की चपेट में किसी न किसी तरह आ ही जाता है. आज हम इसी बीमारी के बारे में आपको बता रहे हैं.

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आइये जानते हैं इस जानलेवा बीमारी डेंगू के बारे में : –

डेंगू के कारण

यह बीमारी एडीज जाति के मादा मच्छर के काटने से होती है. जो मादा एडीज मच्छर डेंगू फ़ैलाने वाले वायरस से संक्रमित होता है केवल उसी के काटने से यह बीमारी इंसानों में आती है. इस मच्छर की ख़ास बात यह है कि यह केवल इंसानों के घुटने की ऊँचाई तक ही उड़ पाता है, इसलिए टांगों पर काट कर ही यह इंसानों को अपना शिकार बनता है और डेंगू जैसे जानलेवा रोग को फ़ैलाने का काम करता है.

डेंगू के लक्षण

डेंगू एक तरह का बुखार ही है. इसके लक्षण भी अन्य सामान्य बुखार से मिलते-झूलते ही हैं. इसके लक्षणों में सबसे ज्यादा पाए जाने वाले हैं –

  • तेज़ बुखार यानी शरीर का गरम हो जाना.
  • तेज़ सर दर्द.
  • बार बार उलटी लगना.
  • दस्त लगना.
  • पूरे शरीर में दर्द होना और मांसपेशियों का बेहद कमजोर महसूस होना.
  • त्वचा पर लाल दाने हो जाना.
  • प्लेटलेट्स का तेजी से कम होना.

यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि ये सब लक्षण दुसरे तरह के बुखार में भी पाए जाते हैं. इसलिए यह ज़रूरी नहीं कि किसी भी बुखार को सीधा डेंगू मान लिया जाये. खून की जांच के बाद ही डेंगू के वायरस की पुष्टि की जानी चाहिए.

कमाल का है पहाड़ी फल – किवी

जिस पहाड़ी फल की हम बात कर रहे हैं वह है – किवी. जी हाँ, कीवी एक ऐसा फल है जो डेंगू पर सीधे तौर पर वार करता है और इसके इलाज में जल्द से जल्द काम करता है. इस एक फल में अन्य कईं फलों के बराबर विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं.

यह फल न केवल डेंगू से लड़ने और ठीक करने, बल्कि और भी बहोत से फायदे अपने साथ ले कर आता है. जिसमें डायबिटीज, वजन कम करना और बढ़ती उम्र को धीमा करना जैसे फायदे सबसे ख़ास हैं.

डेंगू में आराम

किवी में मौजूद पौषक तत्व डेंगू की वजह से शरीर में तेजी से घट रहे प्लेटलेट्स की घटने की रफ़्तार को धीमा करता है और फिर धीरे प्लेटलेट्स बढ़ने भी लगते हैं. किवी खाने से शरीर को डेंगू के वायरस से लड़ने की क्षमता मिलती है जिससे यह बीमारी ठीक होने में मदद मिलती है. अधिकतर डॉक्टर डेंगू में मरीज को किवी फल खाने की सलाह ज़रूर देते हैं.

बनाये रखे जवान

किवी में भरे पड़े विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा त्वचा को बेहद पोषण देती है. ऐसे में त्वचा पर पड़ने वाला उम्र का असर कम होता है और झुर्रियों और स्किन की दूसरी समस्याओं का सामना कम करना पड़ता है. नतीजन लम्बे समय तक जवान दिखते हैं.

डायबिटीज यानी शुगर में भी फायदेमंद

किवी की एक ख़ास बात ये भी है कि इसका ग्लाइकोजन कंटेंट बेहद कम है. इस वजह से यह शरीर में खून में ग्लूकोस की मात्रा पर अधिक प्रभाव नहीं डालता. नतीजन शुगर के मरीजों को इससे फायदा होता है.

दिल के मरीजों के लिए

दिल के मरीजों के लिए भी किवी फायदेमंद है. किवी खाने वाले दिल के मरीज, किवी या किवी जैसे अन्य फल न खाने वालों की तुलना में स्ट्रोक आदि के खतरे में कम रहते हैं.

हड्डियों और मांशपेशियों बनाये मजबूत

किवी में केले जितना ही पोटैशियम पाया जाता है. पोटैशियम हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने और स्वस्थ बनाये रखने के लिए ज़रूरी है. इसलिए किवी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है. यह ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है.

वजन कम करने के लिए

किवी में मौजूद विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, पोटैशियम व अन्य तत्व शरीर को भरपूर पोषण देते हैं. साथ ही कम कैलोरीज की मात्रा वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करती है.

 

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Satya Sharma

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