दही बन सकती है ज़हर – हो जाइये सावधान! – ज़रूर पढ़िए

दही को दूध की तरह ही सम्पूर्ण आहार माना जाता है. यह गुणों से भरा हुई है. लेकिन इसका सही इस्तेमाल भी ज़रूरी है. तासीर, समय और नियम के हिसाब से ही इसे खाया जाना चाहिए वरना नुकसानदायक भी हो सकता है. आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं.

दही में प्रोटीन की क्वालिटी सबसे अच्छी होती हैं। दही जमाने की प्रक्रिया में बी विटामिनों में विशेषकर थायमिन, रिबोफ्लेवीन और निकोटेमाइड की मात्रा दुगुनी हो जाती है। दूध की अपेक्षा दही आसानी से पच जाता है। दही, जिसे हम आये दिन प्रयोग में लाते हैं, हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में बहुत लाभकारी होती है।

ऐसा कहा जाता है कि मनुष्य पिछले लगभग 4000 वर्षों से दहीं का इस्तेमाल कर रहे हैं। दही में उपस्थित कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाते हैं। दही को अलग-अलग तरह से प्रयोग में लाकर हमें निम्नलिखित तरह के स्वास्थ्यप्रद लाभ मिल सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि सर्दी या खांसी होने पर, अथवा अगर आप अस्थमा के रोगी हैं तो दही का प्रयोग ना करें.

दही खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती है इसके बहुत ही फायदे है ये हमारे पाचन क्रिया को ठीक रखती है कब्ज को ठीक रखती है.

आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताएँगे दही क़ब, कैसे और क्यों सेवन करना चाहिए। दूध जैसे डेयरी प्रॉडक्ट खाने की अक्सर खाने को कहा जाता है। लोग दही को अपने खाने में शामिल करते हैं लेकिन इसके सेवन का सही समय भी होना बहुत जरूरी है।

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रात के समय खाना खाने के बाद कोई शारीरिक काम नहीं करते हम जिससे दही पचने की बजाए शरीर में कफ बनना शुरू हो जाता है इसके अलावा भी शरीर में बहुत नुकसान हो जाते हैं रात को दही खाने से ।इसलिए हो सके तो दही का सेवन ना करे क्योकि उसका कोई फायदा  नही बस नुकसान है

दही खाने में तो अच्छी लगती है और खाने का स्वाद भी बढ़ा देती है जो दूध पीना पसंद नही करते वो लोग दही का सेवन कर सकते है दही भी कही न कही दूध की तरह थोडा बहुत तो आपको फायदा करती ही है.

 

रात के समय दही क्यों नही खाना चाहिए-

  1. पाचन क्रिया : रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते है। जिससे दिक्कत बढ़ने लगती है। रात को दही खाने से यह स्लो पॉइज़न का काम करता है। इसलिए कभी भी रात को दही का सेवन ना kare
  2. खांसी और जुखाम : रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है।
  3. सूजन : शरीर में कुछ हिस्सों में अगर सूजन है तो रात के समय दही कभी न खाएं। इससे सूजन कम होने की बजाए बढ़ जाएगी।
  4. गठिया या जोड़ों का दर्द : गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा।और आपको परेशानी होगी

दही कब, क्यों और कैसे खाना चाहिए

  • दही खाने का सबसे बढ़िया समय सुबह का है। हाथों पैरों की जलन,पेट की इंफैक्शन,अपच,भूख न लगना,कमजोरी के अलावा और भी बहुत से शिकायतें सुबह दहीं खाने से दूर हो जाती हैं। नाश्ते में दही की एक कटोरी में शक्कर मिलाकर खाने से खून की कमी दूर होती है।हो सके तो बच्चो को भी नाश्ते में दही ही दे.  दूध उन्हें सुबह उठते ही दे
  • दही को हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है।और खाने में भी स्वादिष्ट होती है
  • जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करना फायदेमंद होता है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।लस्सी आपकी पन्नी की कमी को भी पूरा कर देती है अगर आप पानी जायदा नही पीते तो लस्सी का सेवन कर ले

दही के 8 फायदे :-

अनिद्रा : रात में नींद न आने की परेशानी हो तो रोज खाने के साथ एक कटोरी दही का सेवन करें। धीरे-धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी।सुबह या दोपहर में दही का सेवन करे रात के समय दही का सेवन कभी न करेइसका कोई फायदा नही है बस नुकशान ही है

पाचन सकती बढ़ता है : दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है तब उसकी शुगर एसिड में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है।

जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है।अगर बच्चा रोटी खाने में तंग करता है तो उसके खाने में दही को जरुर शामिल करे उस से उसके खाने में स्वाद भी बढ़ जाता है और वो खाना भी आराम से खा लेगा

पेट की गर्मी दूर करते है : दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है.

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पेट के रोग : अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही के नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। इसलिए अपने खाने में दही को शामिल करे इस से बहुत ही फायदा होगा

दिल के रोग : दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखती है। दही सेहत के लिए बहुत अच्छी है

हड्डियों की मजबूती : दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है। कैल्शियम का अच्छा स्रोत है दही

जोड़ो का दर्द : हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है।और पेट में गैस भी नही बनाने देती औरहींग तो वैसे भी आपके खाने को आसानी से हजम कर देता है

बवासीर : बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है।एक बार ये भी जरुर कर के देख ले

विनम्र विनती :

हम चाहते हैं कि हर भारतीय अंग्रेजी दवाओं की बजाय घरेलु नुस्खों और आयुर्वेद को ज्यादा अपनाये.

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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