जाने क्या है ब्रैस्ट कैंसर इसके लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार-महिलाए जरुर पढ़े.

शरीर के किसी अंग में होने वाली कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्ध‍ि कैंसर का प्रमुख कारण होती है। शरीर की आवश्यकता अनुसार यह कोशि‍काएं बंट जाती है, लेकिन जब यह लगातार वृद्धि करती हैं तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। इसी प्रकार स्तन कोशिकाओं में होने वाली अनियंत्रित वृद्ध‍ि, स्तन कैंसर का मुख्य कारण है। कोशिकाओं में होने वाली लगातार वृद्धि एकत्र होकर गांठ का रूप ले लेती है, जिसे कैंसर ट्यूमर कहते हैं।

स्तन कैंसर के लक्षणों की जांच महिलाएं खुद कर सकती हैं, ये तो अक्सर बताया जाता है लेकिन जांच के बारे में महिलाओं की जानकारी कितनी सही और कारगर है, ये कहना मुश्किल है.

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) की चपेट में आजकल कम उम्र की महिलाएं भी आ रही हैं. ब्रेस्ट कैंसर की सबसे बड़ी वजह है बदलती लाइफ स्टाइल. घरेलू उपचार से ब्रेस्ट कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से बचाव के लिए आप भी ये घरेलू नुस्ख़े जरूर आज़माएं.

कारण-

  • मोटापे या बाद में रजोनिवृत्ति मोटापे
  • लगातार विकिरण (एक्स-रे) के लिए एक्सपोजर
  • शराब की खपतऔसत से लंबा होने के नाते
  • शुरुआती उम्र में अवधि की शुरुआत
  • देर रजोनिवृत्ति
  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
  • जन्म नियंत्रण गोलियों की खपत

ब्रैस्ट कैंसर का आयुर्वेदिक उपचार

विटामिन डी-

खाद्य पदार्थों को शामिल करें, जो आपके आहार में विटामिन डी के साथ अच्छी तरह से आपूर्ति की जाती हैं. शोध से पता चलता है कि उनके शरीर में कम मात्रा में विटामिन डी वाली महिलाएं स्तन कैंसर विकसित करने की अधिक संभावना होती हैं. अपने आहार में अंडे, नारंगी का रस, डेयरी उत्पादों और मछली जैसे सालमन जैसे खाद्य पदार्थों पर विचार करें.

ग्रीन टी-

ग्रीन टी सेवन भी स्तन कैंसर से रक्षा करने में सहायक है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इन्फ्लैमेटरी गुण स्तन कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं।

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अलसी के बीज-

अलसी के बीज में वे सब गुण होते हैं जो ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने के लिये काफी होते हैं। अलसी में ओमेगा 3, लिगनानस और रेशे पाए जाते हैं।

टमाटर-

टमाटर खाने से भी महिलाएं स्तन कैंसर से बची रह सकती हैं। टमाटर में लायकोपीन (lycopene) होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और कैंसर को बढ़ने से रोकता है।

हल्दी-

हल्दी प्रकृति की एक अद़भुत देन है, जिसमें कई सारे अवगुणों से लड़ने की ताकत है। यह हमें कैंसर की बीमारी पैदा होने से बचाती है। यह शरीर में जा कर उसमें इकठ्ठा हुई गंदगी को बाहर निकालती है, हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है और त्वचा को निखारती है।

ब्रोकली-

ब्रोकली में कैंसर से लड़ने वाले तत्व, इंडोल-3-कार्बिनो  होता है जो कि स्तन कैंसर के सेल्स की ग्रोथ को कम कर देते हैं। ब्रोकली के नियमित सेवन से कैंसर से बचा जा सकता है। ब्रोकली के साथ पत्ता गोभी और गोभी को मिलाकर खाना चाहिए।

लहसुन-

प्रतिदिन लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावनाओं को रोका जा सकता है.

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लौकी जूस-

अपने आहार में कड़वा लौकी जूस शामिल करें. शोध से पता चलता है कि कड़वा गाढ़ा उन कैंसर कोशिकाओं को मार सकता है, जो स्तन कैंसर का कारण बनता है

अंगूर और अनार का जूस-

रोजाना अंगूर या अनार का जूस पीने से स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। इन दोनों फलों के जूस में कैंसर के सेल्स को मारने की क्षमता होती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

ब्लूबेरी-

ब्लूबेरी विटामिन और मिनरल से भरपूर होती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एलेजिक भी होते हैं जो स्तन कैंसर से बचाव करते हैं। ब्लूबैरी के साथ स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी भी बेहद फायदेमंद होती है।

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) होने पर इन चीज़ों से परहेज़ करें-

* जिस स्त्री को स्तन कैंसर हुआ हो, उसे ज़्यादा हाथ हिलाने-डुलाने वाले काम नहीं करने चाहिए.
* आहार में दूध, पनीर, फल एवं इनके रस, दूध, मूंगफली, गेहूं का दलिया, हरी सब्ज़ी आदि का सेवन करना चाहिए.
* रोगी को चाय, कॉफी, सिगरेट, शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए.
* उड़द, सेम, मसूर, अंडे, मांस आदि के सेवन से बचना चाहिए.

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