घर पर ही बनाया ये आयुर्वेदिक चूर्ण है आपकी छोटी बड़ी हर बीमारी का इलाज – ज़रूर पढ़िए!

अक्सर आप लोगों ने देखा होगा बहुत से लोगों को सर्दी, खांसी, जुखाम यह समस्याएं उन लोगों को ज्यादा होते हैं जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है। यानि कि इन लोगों की रोगों से लड़ने की क्षमता बेहद कम होती है और ये थोड़ी सी प्रतिकूल स्थितियों में ही बीमार होने लगते हैं. जरा सी हवा चली नहीं कि तबियत बिगड़ने लगी. ऐसे लोग ज्यादातर बीमारियों की चपेट में बने ही रहते हैं।

ऐसे मे आप कोई भी दवाई खाएं इसका कोई फायदा आपको नहीं मिलने वाला। जब तक दवा खायी तब तक ठीक, छोड़ी तो फिर बीमार. दवाई खाने से अच्छा है आप लोग अपने इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाएं।

जब आपका इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत हो जाएगा । सर्दी खांसी जुकाम को तो भूल ही जाए, इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होने से आपको और भी बहुत सारी बीमारियों से बचाव होता है।

क्योंकि दवा तो सिर्फ बीमारी का इलाज करती है. जैसे जुकाम है तो जुकाम की दवा सिर्फ जुकाम ठीक करती है, न कि उस कारण को जिस की वजह से जुकाम हुआ है.

ऐसे ही बुखार की दवा सिर्फ बुखार ठीक करती है न कि बुखार होने के असली कारण को, वो तो शरीर को खुद ही ठीक करना पड़ता है. और यहीं काम आता है इम्युनिटी सिस्टम.

इसलिए सबसे ज़रूरी यही है कि हमें अपने इम्युनिटी सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना चाहिए जिससे कि ये छोटी मोती बीमारियाँ शरीर खुद ही दूर भगा दे.

हम आपको एक ऐसे चूर्ण के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप अपने इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं। चलिए जानते हैं इस चूर्ण के बारे में –

इस चूर्ण को बनाने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की जरूरत पड़ेगी –

  • पुनर्नवा-50 ग्राम
  • हल्दी-30 ग्राम
  • गिलोय पाउडर-50 ग्राम
  • नीम के पत्ते-30 ग्राम

इसको बनाने की विधि :

इनमें से हल्दी और नीम के पत्ते तो आपको घर पर ही मिल जाएंगे। मगर गिलोय पाउडर और पुनर्नवा आपको बाजार से खरीदना पड़ेगा। इन सभी औषधियों को आपस में अच्छी तरह मिलाकर मिक्सी या पत्थर पर अच्छी तरह पीस लें। इसने के बाद इस औषधि को किसी कांच के जार में भरकर रख ले।

औषधि लेने का तरीका

सुबह खाली पेट खाना खाने से पहले एक चम्मच चूर्ण का गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इस चूर्ण का इस्तेमाल आप को दिन में केवल एक ही बार करना है। इस चूर्ण के नियम इस्तेमाल के बाद आपके शरीर की काया पलट हो जाएगी। आप जो भी खाएंगे आपके शरीर में लगेगा और अच्छे से पचेगा और बहुत सारी बीमारियों से बचाव भी करता है यह चूर्ण।

इस चूर्ण के फायदे

वैसे तो इस चूर्ण का सीधा सीधा काम आपके इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने का है. लेकिन इसके फायदे सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं.

अगर इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है तो शरीर दवाओं के भरोसे कम बल्कि खुद के दम पर ज्यादा चलता है. ऐसे में अगर मौसम थोडा गड़बड़ भी है तो सेहन किया जा सकता है.

जो लोग खेतों में काम करते हैं या ज्यादा मेहनत का काम करते हैं, आपने देखा होगा कि उन पर सर्दी गर्मी का असर कम ही होता है. कारण उनका मजबूत इम्युनिटी सिस्टम है जो मौसम, कीटाणुओं, धुल और मिटटी आदि से लड़ने में सक्षम बनता है. इस चूर्ण से भी कुछ इसी तरह के फायदे होने वाले हैं.

दूसरा, शरीर अगर अन्दर से मजबूत होता है जल्दी थकावट भी नहीं होती. ऐसे में शरीर में उर्जा बनी रहती है और काम करने में मन लगता है.

तीसरा, पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है तो पेट की समस्याएं भी बेहद कम रहती हैं.

चौथा, पेट ठीक है तो मानिये सब ठीक है. फिर तो सेहत भी बनने लगती है. मूड भी अच्छा रहता है और चेहरा भी खिलता है.

पांचवा, इससे न केवल अंदरूनी सफाई होती है बल्कि बाहरी तौर पर भी सुन्दरता बढती है. क्योंकि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ त्वचा रखता है. मतलब कि स्वास्थ्य ही सौन्दर्य है.

इसके अलावा बालों का झड़ना, पौरुष की कमी, पेट दर्द, उलटी लगना, पेट का फूलना, अफारा, कब्ज़ आदि समस्याएं में भी ये कमाल का काम करता है और राहत दिलाता है.

नोट – आपको बस एक बात का ध्यान ज़रूर रखना है कि हर किसी के शरीर का अपना हिसाब होता है. तासीर के मुताबिक ही हमें कुछ भी खाना पीना चाहिए. इसलिए खुद डॉक्टर न बनें बल्कि नज़दीक आयुर्वेद आचार्य जी से पहले एक बार संपर्क ज़रूर कर लें.

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Satya Sharma

मैं अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले घरेलु नुस्खों, आयुर्वेद और देसी इलाज को ज्यादा महत्चपूर्ण और कारगर मानती हूँ. सही खान-पान से और नियमित दिनचर्या से वैसे ही बीमारियों से बचा जा सकता है. अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने और भारतीय चिकित्सा पद्दति को बढ़ावा देने के लिए मेरी वेबसाइट से जुड़िये और अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बताइए.

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